नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के कुख्यात अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े एक कथित ई-मेल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उल्लेख को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। मंत्रालय का कहना है कि ई-मेल में प्रधानमंत्री की जुलाई 2017 की आधिकारिक इज़राइल यात्रा के संदर्भ के अलावा बाकी दावे “मनगढ़ंत और निरर्थक” हैं, जिन्हें गंभीरता से लेने का कोई आधार नहीं है।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि मंत्रालय ने इस ई-मेल संबंधी रिपोर्ट देखी है, लेकिन इसमें तथ्यात्मक रूप से सही केवल प्रधानमंत्री की इज़राइल यात्रा का उल्लेख है। अन्य सभी बातें एक दोषी अपराधी के कथनों पर आधारित हैं और उन्हें नजरअंदाज किया जाना चाहिए। यह ई-मेल अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी गुप्त फाइलों के संदर्भ में सामने आया बताया जा रहा है।
जेफ्री एडवर्ड एपस्टीन एक अमेरिकी वित्तीय सलाहकार था, जिस पर मानव तस्करी और नाबालिगों के यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगे थे। वर्ष 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई थी। उसके कई प्रभावशाली व्यक्तियों से कथित संबंधों को लेकर समय-समय पर दस्तावेज और दावे चर्चा में आते रहे हैं, हालांकि कई मामलों में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं रही।
इस बीच विपक्षी दल कांग्रेस ने मामले को राष्ट्रीय गरिमा और अंतरराष्ट्रीय छवि से जोड़ते हुए सरकार से विस्तृत स्पष्टीकरण और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है। सरकार की ओर से फिलहाल यही रुख दोहराया गया है कि ई-मेल में लगाए गए आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
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