नई दिल्ली। 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देशवासियों के नाम संदेश जारी करते हुए मतदान को राष्ट्र सेवा का पहला कदम बताया। उन्होंने सभी मतदाताओं, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे न सिर्फ खुद मतदान करें, बल्कि दूसरों को भी मतदान के लिए प्रेरित करते हुए ‘लोकतंत्र के राजदूत’ की भूमिका निभाएं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि आने वाले समय में चुनाव आयोग युवाओं के लिए एक समर्पित, युवा-केंद्रित अभियान शुरू करेगा, जिससे उन्हें चुनाव प्रक्रिया की स्पष्ट समझ मिलेगी और आयोग की विभिन्न पहलों से वे सीधे जुड़ सकेंगे।
भ्रामक सूचनाओं और दुष्प्रचार के खिलाफ युवाओं से नेतृत्व की अपील
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने युवाओं से कहा कि वे भ्रामक सूचनाओं, दुष्प्रचार और झूठे नैरेटिव के खिलाफ नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं को चुनावी प्रक्रियाओं और चुनाव आयोग की पहलों को समझकर सही जानकारी अपने परिवार, मित्रों और समाज तक पहुंचानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में बनाए गए मतदाता साक्षरता क्लब युवाओं में लोकतांत्रिक चेतना को मजबूत कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने केरल के पालक्काड के अट्टापडी जनजातीय क्षेत्र और ओडिशा के खुर्दा के बनमालीपुर में चलाए गए जनजागरूकता अभियानों का भी उल्लेख किया।
18 वर्ष पूरे होते ही मतदाता बनें
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि जो नागरिक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, उन्हें मतदाता सूची में नाम जरूर जुड़वाना चाहिए और मतदान में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग हमेशा मतदाताओं के साथ था, है और रहेगा।
2011 से मनाया जा रहा राष्ट्रीय मतदाता दिवस
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी। वर्ष 2011 से इस दिन को राष्ट्रीय मतदाता दिवस के रूप में मनाया जाता है।
2025 को बताया उपलब्धियों और नवाचारों का वर्ष
मुख्य चुनाव आयुक्त ने वर्ष 2025 को आयोग के लिए उपलब्धियों और नवाचारों का वर्ष बताते हुए कहा कि आयोग ने मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के साथ मतदान प्रक्रिया को अधिक सुगम और भरोसेमंद बनाने की दिशा में कई कदम उठाए।
उन्होंने बताया कि आयोग ने इस वर्ष लगभग 30 महत्वपूर्ण पहलें लागू कीं, जिनमें प्रमुख रूप से:
मतदाता सूची शुद्धीकरण का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR)
नई दिल्ली स्थित आयोग की संस्था IIIDEM में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण
5000 से अधिक BLO और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण
एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINET और ऐप का शुभारंभ
मतदान केंद्रों पर मोबाइल जमा सुविधा
प्रति मतदान केंद्र अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय करना
ECINET ऐप से एक प्लेटफॉर्म पर सेवाएं
उन्होंने कहा कि ECINET ऐप के जरिए नागरिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे तकनीक और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों मजबूत हुई हैं।
SIR का लक्ष्य: पात्र का नाम जुड़े, अपात्र हटे
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की आधारशिला है। SIR का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल हो और अपात्र नाम हटाए जाएं। उन्होंने बताया कि यह अभियान बिहार में पूरा हो चुका है और वर्तमान में 12 राज्यों में चल रहा है, बाकी राज्यों में भी इसे जल्द शुरू किया जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि SIR के बाद हुए बिहार विधानसभा चुनाव में मतदाता सहभागिता 67.13% रही, जिसमें महिला मतदाताओं की भागीदारी 71.78% दर्ज की गई।
वैश्विक मंच पर भारत की चुनाव प्रणाली की पहचान
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत की मजबूत और पारदर्शी चुनाव प्रणाली ने वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि भारत को अंतर-सरकारी संस्था इंटरनेशनल आईडीईए की अध्यक्षता सौंपा जाना गर्व की बात है।
उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव आयोग की ओर से 21 से 23 जनवरी 2026 के बीच नई दिल्ली में चुनावी प्रबंधन और प्रक्रिया पर चर्चा के लिए वैश्विक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें 70 से अधिक देशों के चुनाव प्रबंधन संस्थानों के प्रमुख, वरिष्ठ अधिकारी और कई देशों के राजदूत शामिल हुए।
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