लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 भले ही अभी दूर हो, लेकिन सियासी दलों ने अभी से अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी जहां सत्ता की हैट्रिक के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है, वहीं समाजवादी पार्टी 10 वर्षों के लंबे अंतराल को खत्म कर प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। इसी क्रम में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार को लखनऊ में पार्टी के सभी सांसदों के साथ महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक करने जा रहे हैं।
41 सांसदों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा
समाजवादी पार्टी ने लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में लोकसभा के 37 सांसदों और राज्यसभा के 4 सांसदों की बैठक बुलाई है। यह बैठक दोपहर 12 बजे प्रस्तावित है। बैठक में अखिलेश यादव आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर संगठनात्मक तैयारियों, बूथ स्तर की मजबूती और राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
सांसदों से मांगी जाएगी विधानसभा क्षेत्रों की रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक अखिलेश यादव अपने सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली विधानसभा सीटों की जमीनी स्थिति, संगठन की सक्रियता और स्थानीय राजनीतिक माहौल की रिपोर्ट लेंगे। हाल के दिनों में एसआईआर प्रक्रिया पर निगरानी के लिए सांसदों को जिलेवार जिम्मेदारी भी दी गई थी, ऐसे में बैठक में एसआईआर को लेकर फीडबैक और रिपोर्ट भी ली जा सकती है।
रिपोर्ट कार्ड के आधार पर तय हो सकती है आगे की दिशा
बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी ने अपने सांसदों का कार्य-प्रदर्शन आधारित रिपोर्ट कार्ड भी तैयार किया है। बैठक में इस रिपोर्ट कार्ड के आधार पर सांसदों की सक्रियता, क्षेत्रीय प्रभाव और संगठन के साथ समन्वय को लेकर भी समीक्षा हो सकती है। साथ ही संसद के आगामी सत्रों, विशेषकर बजट सत्र को लेकर पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है।
सांसदों को मिल सकता है नया ‘मिशन टास्क’
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक केवल समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। अखिलेश यादव 2027 के मद्देनजर सांसदों को उनके क्षेत्रों में आने वाली विधानसभा सीटों पर पार्टी को मजबूत करने और सीट जीतने का स्पष्ट लक्ष्य भी दे सकते हैं। इसके साथ ही सांसदों को आसपास की सीटों पर संगठनात्मक समन्वय और चुनावी तैयारी में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश भी मिल सकता है।
टिकट चयन की प्रक्रिया पर भी नजर
सपा की यह बैठक 2027 के लिए प्रत्याशी चयन की रणनीति से भी जोड़कर देखी जा रही है। पार्टी इस बार टिकट वितरण में कई मानकों पर काम कर रही है। सूत्रों के अनुसार उम्मीदवार चयन में जातीय समीकरण, जनाधार, संगठन से जुड़ाव, क्षेत्र में सक्रियता और स्थानीय पकड़ को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए पार्टी स्तर पर सर्वे और फीडबैक आधारित रिपोर्ट भी तैयार कराई जा रही है।
PDA के साथ चुनावी तैयारी का फोकस
अखिलेश यादव लगातार PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) के नारे के जरिए राजनीतिक आधार को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि बैठक में इसी एजेंडे के तहत बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनसंपर्क अभियान को तेज करने पर भी जोर दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, सपा की यह बैठक 2027 के चुनावी अभियान की दिशा तय करने वाली अहम कड़ी मानी जा रही है, जिस पर प्रदेश की राजनीति की नजर टिकी हुई है।
- आगरा में भाजपा नेता की कार पर हमला: फतेहाबाद में दबंगों ने की तोड़फोड़, साथी को पीटकर किया लहूलुहान - March 7, 2026
- उत्तर भारत में बढ़ा ‘ह्यूमिडिटी’ का टॉर्चर: दिल्ली-वाराणसी समेत कई शहरों में पसीने वाली गर्मी ने तोड़ा रिकॉर्ड - March 7, 2026
- Agra News: गढ़ी महासिंह खेड़ा के अमित हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो और हत्यारोपी गिरफ्तार, कत्ल में इस्तेमाल फावड़ा बरामद - March 7, 2026