Agra News: कथित सड़क घोटाले पर अधिकारियों की चुप्पी, महापौर ने खुद बनाई जांच कमेटी, तीन दिन में रिपोर्ट मांगी

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आगरा। नगर निगम द्वारा हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी चौराहे तक कराए गए सड़क निर्माण में सामने आए कथित घोटाले के मामले ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया। अधिकारियों की चुप्पी और पक्ष-विपक्ष दोनों के पार्षदों की लगातार उठती आवाज़ के बीच महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने स्वयं जांच कमेटी गठित कर दी है। यह कदम नगर निगम में बढ़ती नाराज़गी और जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद उठाया गया है।

कुछ दिन पहले सड़क निर्माण में गड़बड़ियों के खुलासे के बाद से निगम में माहौल गरम था। सदन की बैठक में पार्षदों ने जोरदार हंगामा किया और पूरे प्रकरण की जांच की मांग की। इसके बाद महापौर ने सदन में ही नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल को निर्देश दिया था कि एक जांच कमेटी गठित की जाए और तीन दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। महापौर ने खुद भी मौके पर पहुंचकर निगम अधिकारियों के साथ सड़क का निरीक्षण किया था, जहां स्थानीय लोगों से बातचीत और स्थलीय जांच के दौरान कई अनियमितताएँ सामने आई थीं।

महापौर ने जांच को लेकर नगरायुक्त को दो बार लिखित पत्र भेजे थे, पहला 24 नवंबर और दूसरा 26 नवंबर को, लेकिन उनके निर्देशों के बावजूद नगर निगम अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। महापौर ने इसे निगम की उदासीनता, पारदर्शिता की कमी और जनता के बीच घटती विश्वसनीयता का संकेत बताते हुए सख्त नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि लगातार अनदेखी से नगर निगम की छवि धूमिल हो रही है और जनता में गलत संदेश जा रहा है।

अधिकारियों की निष्क्रियता को देखते हुए महापौर ने बुधवार को स्वयं पार्षदों और अधिकारियों की संयुक्त कमेटी गठित कर दी। इस कमेटी में पार्षद हेमंत प्रजापति, विपक्षी पार्षद यशपाल सिंह, पार्षद प्रवीना राजावत, रवि करौतिया और वीरेंद्र लोदी के साथ अपर नगर आयुक्त, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी और अधिशासी अभियंता अरविन्द श्रीवास्तव को शामिल किया गया है। महापौर ने समिति को निर्देश दिया है कि तीन दिनों के भीतर जांच पूरी कर अपनी आख्या प्रस्तुत करे।

कथित सड़क घोटाले को लेकर नगर निगम के भीतर तनाव बढ़ रहा है और महापौर द्वारा स्वयं कार्रवाई संभालना इस बात का संकेत है कि अनियमितताओं पर अब कड़ी कार्यवाही की संभावना प्रबल है।

Dr. Bhanu Pratap Singh