आगरा। ज़िले में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण के लिए आगरा पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा हाई-इंटेंसिटी सत्यापन और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। जेल से रिहा हुए अपराधियों से लेकर सक्रिय अपराधियों तक—हर एक का डिजिटल डोज़ियर तैयार किया जा रहा है, ताकि पुलिस नेटवर्क और मज़बूत हो सके और किसी भी वारदात को समय रहते रोका जा सके।
29,660 अपराधियों में से 26,691 का सत्यापन पूरा
पुलिस रिकार्ड के अनुसार जिलेभर में कुल 29,660 अपराधी चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 26,691 का सत्यापन पूरा, 16,057 का पुनःसत्यापन जारी, जबकि 2,244 अपराधियों का अब तक एक बार भी सत्यापन नहीं हो सका है।
725 अपराधी पुलिस रडार से बाहर
सबसे चिंताजनक स्थिति उन 725 अपराधियों की है, जो पुलिस रडार और डेटाबेस से पूरी तरह गायब हो चुके हैं। थानों की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन अभी तक कोई पुख्ता सुराग नहीं मिला है। अधिकारियों का मानना है कि ये अपराधी भविष्य में गंभीर वारदातों को अंजाम दे सकते हैं, इसलिए इनकी तलाश सर्वोच्च प्राथमिकता पर है।
सिटी सर्किल में 6,000 अपराधी चिन्हित
सिटी DCP सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि सभी थानों को सख़्त निर्देश दिए गए हैं कि जेल से छूटे और सक्रिय अपराधियों का सत्यापन जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
सिटी सर्किल में अब तक 6,000 से अधिक अपराधियों की पहचान और डोज़ियर तैयार किए जा चुके हैं।
डोज़ियर में क्या-क्या शामिल
प्रत्येक अपराधी के डिजिटल डोज़ियर में शामिल हैं—
नाम, पता व मोबाइल नंबर
संपूर्ण आपराधिक इतिहास
जेल में प्रवेश व रिहाई की तिथि
सभी मुकदमों की वर्तमान स्थिति
परिवार और रिश्तेदारों की विस्तृत जानकारी
पुलिस का मानना है कि यह डिजिटल सिस्टम अपराधियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने और पुराने मामलों के खुलासे में मददगार साबित होगा।
कई अभियान, मगर 725 अब भी गायब
पुलिस ने पिछले वर्षों में कई बड़े सर्च अभियान चलाए, लेकिन 725 अपराधी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। अधिकारी मानते हैं कि इनकी अप्रत्याशित गतिविधियां भविष्य में बड़े अपराधों का कारण बन सकती हैं। इसलिए पुलिस टीमें इन्हें ट्रैक करने के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रही हैं।
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