आगरा कॉलेज की प्रवक्ता डा निशा अग्रवाल अपनी जागरूकता के चलते साइबर ठगी का शिकार होने से बच गईं। हरि पर्वत चौराहे के निकट प्रोफेसर कालोनी निवासी निशा अग्रवाल के पास बुधवार को किसी पुलिस अधिकारी की डीपी लगे मोबाइल फोन नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने उन्हें धमकाते हुए रुपयों की मांग की, लेकिन वह ठग के झांसे में नहीं आईं।
निशा अग्रवाल ने बताया कि उनके पास किसी विजय नामक व्यक्ति की फोन कॉल आई। कॉलर ने स्वयं को पुलिस अधिकारी बताते हुए उन्हें धमकाया और कहा कि चार युवक एक्सीडेंट करके भागते हुए पकड़े गए हैं, उनमें एक उनका बेटा भी है। यदि बेटे को बचाना है तो रुपये भेज दो।
यह कॉल पाकिस्तान के आईएसडी कोड (+92) से आई थी, यह देखते ही निशा समझ गईं कि कॉल करने वाला व्यक्ति ठग है। निशा अग्रवाल ने कॉलर से अपने बेटे का नाम पूछा, तो वह उल्टे उन्हें ही धमकाते हुए बेटे का नाम पूछने लगा। बेटा घर में ही होने के कारण निशा का आत्मविश्वास बना रहा और उन्होंने बिना ठग की धमकी से प्रभावित हुए कॉल काट दी। इसके बाद उन्होंने अपने पति अधिवक्ता राज बंसल के माध्यम से पुलिस में इसकी सूचना भी भिजवाई।
- नेपाल बाढ़ संकट में आगे आया भारत: पड़ोसी धर्म निभाते हुए विदेश मंत्रालय ने राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ टीम भेजने की पेशकश की - August 28, 2026
- रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा को लेकर गरमाई यूपी की राजनीति, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह बोले- अखिलेश जी एसी कमरों से बाहर निकलकर देखिये हकीकत - August 28, 2026
- आगरा के गुदड़ी मंसूर खां जैन मंदिर में श्रद्धा के साथ मनाया गया भगवान श्रेयांसनाथ का निर्वाण कल्याणक और रक्षाबंधन महापर्व, अर्पित किए गए निर्वाण लाड़ू - August 28, 2026