देश में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली है। यह जब तक के अपने सर्वाधिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2024 में सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह 2.10 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इस बार रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन से सरकार का खजाना खूब भरा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस आंकड़े को अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करके खुशी जाहिर की है। रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार किसी महीने में जीएसटी राजस्व 2 लाख करोड रुपये के पार चला गया है।
इससे पहले मार्च महीने में भी छप्परफाड़ जीएसटी कलेक्शन हुआ था। यह सालाना आधार पर 11.5 फीसदी बढ़ा था। मार्च में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) कलेक्शन 1.78 लाख करोड़ रुपये हो गया था। यह उछाल घरेलू लेनदेन से जीएसटी संग्रह में 17.6 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी के कारण आया था।
मार्च 2024 के लिए रिफंड का जीएसटी रेवेन्यू शुद्ध ₹1.65 लाख करोड़ था। ग्रास रेवेन्यू ने साल दर साल आधार पर 12.4 फीसदी की शानदार ग्रोथ हासिल की है। वहीं रिफंड के बाद के नेट रेवेन्यू को देखें तो ये 1.92 लाख करोड़ रुपये रहा है जो कि सीधे-सीधे सालाना आधार पर 17.1 फीसदी की बढ़ोत्तरी है।
इससे पहले था ये रेकॉर्ड
इस बार अप्रैल में रेकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन से पहले मार्च महीने में भी जीएसटी से सरकारी खजाना भरा था। मार्च 2024 में मासिक आधार पर 1.78 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन हुआ था। अगर इससे पहले के सबसे बड़े जीएसटी कलेक्शन की बात करें तो यह पिछले साल यानी 2023 के अप्रैल महीने में दर्ज किया गया था। जीएसटी खजाने में तब 1.87 लाख करोड़ रुपये पहुंचे थे। आंकड़ों के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2023-24 के लिए कुल ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 20.18 लाख करोड़ रुपये रहा है। यह पिछले वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में 0.18 लाख करोड़ रुपये ज्यादा है, तब 20 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन हुआ था।
आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है
ईवाई इंडिया के टैक्स पार्टनर सौरभ अग्रवाल का कहना है कि जीएसटी के सभी अंगों सीजीएसटी, एसजीएसटी, आईजीएसटी और सेस सेगमेंट, सभी ने महत्वपूर्ण योगदान और अच्छा प्रदर्शन किया है। इससे हमारी आर्थिक स्थिति और भी मजबूत हुई है। जीएसटी के अधिकारियों के संयुक्त प्रयासों ने गैर- फाइलर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और झूठी चालानों के खिलाफ लड़ाई में बड़ा योगदान दिया है, जिससे राज्य की खजाने में जीएसटी जमा होने की राशि बढ़ी है।
तेजी से बढ़ रही है अर्थव्यवस्था
टैक्स कनेक्ट एडवाइजरी सर्विसेज एलएलपी के पार्टनर विवेक जालान का कहना है कि जुलाई 2017 में 0.9 लाख करोड़ रुपये के औसत मासिक संग्रह की शुरुआत से अप्रैल 2024 में 2.1 लाख करोड़ रुपये के औसत संग्रह तक जीएसटी राजस्व ने लगभग 13% वार्षिक की औसत वृद्धि दर्ज की है। मंहगाई की 5% और जीडीपी की 7% वृद्धि को देखते हुए विगत सात वर्षों में वार्षिक आधार पर औसतन 1% की उछाल देखी गई है, जिसमें कोविड 19 बंदी के दौरान दो वर्षों की अप्रत्याशित भारी गिरावट शामिल रही। अन्य कारणों के साथ यह दशांता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था तीव्र गति से औपचारिकता की राह पर है और बिजनेस तेजी से संगठित होकर मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं।
-एजेंसी
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