अटैक के मामले में दुनिया में सबसे मारक माने जाने वाले भारतीय वायु सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर की लद्दाख में इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी। इस दौरान दौरान दुर्गम इलाके और ऊंचाई के कारण हेलीकॉप्टर क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि विमान में सवार दोनों पायलट पूरी तरह से सुरक्षित हैं। दोनों पायलटों को पास के ही एयरबेस में ले जाया गया है। भारतीय वायुसेना ने अपाचे हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग के सटीक कारण की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।
वायुसेना के अनुसार अपाचे हेलीकॉप्टर को तीन अप्रैल को लद्दाख में एक परिचालन प्रशिक्षण उड़ान के दौरान आपात स्थिति में उतारना पड़ा। इस प्रक्रिया के दौरान हेलीकॉप्चर को थोड़ा नुकसान हुआ है। वायुसेना ने बताया कि हेलीकॉप्टर में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें निकटतम एयरबेस पर ले जाया गया है। घटना के कारण का पता लगाने के लिए ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ का आदेश दिया गया है।
अपाचे हेलिकॉप्टर की खासियत
अपाचे हेलिकॉप्टरों को अटैक के मामले में दुनिया में सबसे मारक माना जाता है। मई 2019 में अमेरिकी कंपनी बोइंग ने भारत को एरिजोना में पहला अपाचे हेलिकॉप्टर सौंपा था। अपाचे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि दुश्मन की किलेबंदी को भेदकर और उसकी सीमा में घुसकर हमला करने में सक्षम है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि अपाचे युद्ध के समय ‘गेम चेंजर’ की भूमिका निभा सकता है। किसी भी तरह का मौसम हो, किसी भी तरह की परिस्थिति हो, अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर दुश्मनों को नहीं बख्शता।
365 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार
अपाचे हेलीकॉप्टर 365 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है। इतनी तेज गति होने की वजह से यह दुश्मन के टैंकों के परखच्चे आसानी से उड़ा सकता है। अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर में हेलिफायर और स्ट्रिंगर मिसाइलें लगी हैं और दोनों तरफ 30mm की दो गनें हैं। इन मिसाइलों का पेलोड इतने तीव्र विस्फोटकों से भरा होता है कि दुश्मन का बच निकलना नामुमकिन होता है।
-एजेंसी
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