विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि कई भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में काम करने के लिए धोखा दिया गया है। हमने ऐसे भारतीय नागरिकों की शीघ्र रिहाई के लिए मामले को रूस के सामने दृढ़ता से उठाया है। रणधीर जयसवाल ने कहा कि झूठा वादा कर भर्ती करने वाले एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है।
हम रूसी सेना में सहायक स्टाफ के रूप में काम कर रहे अपने नागरिकों की शीघ्र रिहाई और उनके घर लौटने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि लगभग 20 लोगों ने हमसे संपर्क किया है और हम उनका पता लगाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हम रूसी अधिकारियों के संपर्क में हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान कहा कि भारत सरकार ने रूसी सरकार के समक्ष ये मुद्दा उठाया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारतीय लोगों से अपील की है कि वो इस जाल में न फंसें।
-एजेंसी
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