हर नए साल पर न्यू ईयर रेजोल्यूशन (New Year resolutions) लेते हैं, 2024 की शुरुआत हुए एक सप्ताह हो गया, ऐसे में कुछ लोग ही अपने रेजोल्यूशन को पूरा करने के लिए जतन कर रहे होंगे और बहुत कम ही इसे आगे तक कायम रखेंगे. पर कई लोग ऐसे भी हैं जिनका रेजोल्यूशन मात्र कुछ घंटों का या फिर 1 या 2 हफ्ते का होगा. लोग बहुत जल्द ही इससे पूरा करने से डगमगा जाते हैं.
लेकिन क्या आपने कभी ये जानने की कोशिश की है कि आखिर क्यों लोग अपने द्वारा लिए हुए रेजोल्यूशन को निभा नहीं पाते हैं और इस निभाने के लिए इस तरह के स्टेप हम फॉलो कर सकते हैं.
रेजोल्यूशन से डगमगाने की वजह
कई बार लोग किसी के कहने पर न्यू ईयर रेजोल्यूशन लेते हैं. लेकिन इसे निभाने के लिए मन से ठाना बेहद जरूरी है. पूरी शिद्दत से अगर उसे पूरा करने की मन में ठानी जाए तो अपने लक्ष्य को हासिल करना काफी आसान हो जाता है.
जल्दी हार मानना
हर काम को करने में थोड़ा समय तो लगता ही है. रेजोल्यूशन के बार-बार फेल होने से भी ऐसी ही स्थिति बनती है. इसलिए शुरुआत में अगर असफलता का सामना करना पड़ता है तो उससे हार न मानें धीरे-धीरे छोटे स्टेप लें और इसी के साथ ही ये जानने की कोशिश करें की आप कहां गलती कर रहें हैं और उसे सुधारें.
खुद को याद दिलाएं
रेजोल्यूशन में खुद के लिए जो लक्ष्य रखा है उसे गलती से भी न भूलें. आपको रेजोल्यूशन को लिखकर किसी ऐसी जगह लगाना हैं जहां आपका ध्यान बार बार जाता हो. ऐसे में आप बार-बार उसे पढ़ेंगे और मोटिवेट होंगे. इसी के साथ आपको प्रयास भी करना है. अगर आपने फिट रहने के लिए एक्सरसाइज करने का लक्ष्य निर्धारित किया है तो आप इसे पूरा करने में लिए मोबाइल में अलार्म सेट करें.
कुछ समय बाद हल्के में लेना
कई लोग शुरू के कुछ दिन तो रेजोल्यूशन को बड़ी शिद्दत से निभाते हैं. लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते जाते हैं वैसे ही लोग इसपर ध्यान देना कम कर देते हैं. वो 40 से 50 फीसदी अपने लक्ष्य को पूरा कर इसे धीरे-धीरे भूलते जाते हैं. जैसे की अगर कोई व्यक्ति मीठा छोड़ने का संकल्प लेता है, वो 1 महीने तक को इसे पूरी तरह से निभाते हैं लेकिन इससे बाद इसपर ढील देने लगते हैं शुरुआत में जहां वो 10 से 15 दिन में मीठा खा रहे थे अब हर हफ्ते खाने लग जाते हैं. लेकिन ऐसा करने से वो अपनी आदत नहीं बदल सकते हैं.
किसी खास मौके का इंतजार
कई लोग अपने रेजोल्यूशन को पूरा करने के लिए किसी खास मौके की तलाश में रहते हैं. लेकिन नए काम और बदलाव के लिए नए साल या फिर किसी खास दिन और मौके की जरूरत नहीं है. बस सही प्लानिंग और मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत होती है.
– एजेंसी
- आगरा में श्री हरि सत्संग समिति की नित्य प्रभात फेरी के 15 साल पूरे: भव्य संकीर्तन यात्रा में उमड़े श्रद्धालु, विधायक ने की पुष्पवर्षा - September 15, 2026
- सपा की तुष्टिकरण और जातिगत राजनीति अब जनता के बीच नहीं चलने वाली: भाजपा नेता रोहित कत्याल - September 15, 2026
- आगरा के थाना सैंया क्षेत्र में सनसनीखेज वारदात, मेले से लापता हुई लड़की का शव पेड़ से लटका मिलने से मचा हड़कंप - September 14, 2026