Agra (Uttar Pradesh, India) । जनपद में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. यूबी सिंह के मार्गदर्शन में धर्मगुरु सम्मेलन का आयोजन हुआ,जिसमें ‘टीबी मुक्त भारत’ बनाने और कोविड-19 के टीकाकरण में धर्म गुरुओं ने सहयोग का आश्वासन दिया। जरूरत पड़ने पर धर्मगुरु अपने-अपने धर्म स्थलों पर अनुयायियों के बीच सहयोग करने का संदेश भी देंगे।
स्थानीय होटल में मंगलवार को आयोजित धर्मगुरु सम्मेलन में यूनिसेफ के प्रतिनिधि अमृतांशु ने कहा कि कोविड-19 के दौरान हमारे व्यवहार में परिवर्तन आया है, जैसे हम लोगों ने स्वतः मास्क लगाना सीख लिया है। हैंड सैनिटाइजर करना भी सीख लिया है। सारी दुनिया के देशों में भारत ने कोविड-19 से निपटने में बहुत बेहतर तरीके से प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि इस समय आगरा के 100 सरकारी केंद्रों पर कोविड टीकाकरण फ्री किया जा रहा है।30 प्राइवेट क्लीनिक पर ढाई सौ रुपए में वैक्सीन लगाई जा रही है।
कोविड-19 का संक्रमण शुरू होने के समय आगरा महानगर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कोरोना को कैरियर बनने से रोकने की चुनौती मिली थी, जिस पर हमने बेहतर तरीके से काबू पाया। यूनिसेफ के प्रतिनिधि ने टीबी रोगियों के बारे में कहा कि दुनिया में 30 फ़ीसदी टीबी मरीज भारत में मिलते हैं। इनमें सबसे ज्यादा 20 फ़ीसदी यूपी में मिल रहे हैं। यूपी में भी आगरा नंबर वन है, जहां सबसे ज्यादा मरीज पाए जा रहे हैं। टीबी रोग पर नियंत्रण पाने के प्रयास भी उसी तेजी से हो रहे हैं। इन बीमारियों ने हमें सभी धर्मों को साथ लेकर चलने की सीख दी है। इसी ध्येय से धर्मगुरु सम्मेलन का आयोजन किया गया है।
श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर के महंत योगेश पुरी ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि कोविड वैक्सीन हमें निःशुल्क उपलब्ध हो रही है। जहां लोग भ्रमवश वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं या टीबी की रोगियों के बारे में जानकारी नहीं दे रहे हैं, वहां सोमवार को मंदिरों पर हम लोग सहयोग का संदेश संदेश अच्छी तरह दे सकते हैं। महंत जी ने सुझाव दिया कि शुक्रवार को प्रत्येक मौलाना अपने मस्जिदों में नमाजियों को स्वास्थ्य विभाग को सहयोग करने का संदेश दे सकते हैं। हम सभी धर्मगुरु इसके लिए तैयार हैं। यह सौभाग्य की बात है कि नगर निगम आगरा भी कोरोना संक्रमण रोकने की लड़ाई में सहयोग कर रहा है। ग्रामों में प्रधान सहयोग कर सकते हैं। हम लोगों को सिर्फ सकारात्मक सोच रखनी है।
धर्मगुरु सम्मेलन में आगरा के नायब शहर काजी मौलाना रियासत अली ने कहा कि मै स्वयं टीबी और कोरोना संक्रमण रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को सहयोग करने के लिए तैयार हूं। जुम्मे के दिन मेरा संदेश डिस्प्ले पर चलाएं। मस्जिद में हमारा संदेश ज्यादा मायने रखता है।
उन्होंने कहा कि शुरू में यह अफवाह थी कि कोविड का टीका 7 हजार रुपये में लगेगा, लेकिन धन्य है हमारी हुकूमत जो फ्री में यह टीका उपलब्ध करा रही है। प्राइवेट क्लीनिक पर मात्र 250 रुपये में ये टीका लगवाया जा रहा है। मैं सभी मुस्लिम भाइयों से आग्रह कर रहा हूं कि वह टीका अवश्य लगवाएं।
बौद्ध धर्म गुरु भंते ज्ञान रत्न ने कहा कि देश में जब-जब प्राकृतिक आपदाएं आई हैं, हम लोगों ने धैर्य से काम लिया है। ये जो आपदा है, उसमें भी हमें धैर्य से काम लेना है। हम सावधानी बरतें। जनता से आव्हान करने का काम सब धर्मगुरु मिलकर कर सकते हैं। अपने अनुयायियों को यह संदेश दे सकते हैं कि स्वास्थ्य विभाग या सरकार की जो योजना चल रही हैं, उनमें हम मददगार बने रहें। उन्होंने कहा कि हमें धैर्य, विश्वास व कर्म के साथ सामंजस्य करके चलना पड़ेगा। इसी से हमें बीमारियों पर निजात मिल सकती है। कार्यक्रम का संचालन जिला पीपीएम समन्वयक कमल सिंह ने किया। जिला पीपीएम समन्वयक अरविंद कुमार, यूनिसेफ की प्रतिनिधि मधुमिता इनके अलावा जीएलआरए संस्था से गौरव सहित अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि व स्वास्थ्य कर्मी भी मौजूद थे ।
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