अयोध्या में 22 जनवरी को भव्य श्रीराम मंदिर के उद्घाटन और रामलला की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा की तिथि को इतिहास में अमर बनाने में जुटी योगी सरकार इस अभूतपूर्व आयोजन के जरिए प्रदेश के नौनिहालों में भी श्रीराम के आदर्शों को उतारने के लिए संकल्पित है।
इस कड़ी में स्कूलों में रामायण से जुड़े प्रसंगों पर चित्रकला, लेखन, वेशभूषा व रामायण गायन आदि प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करना है।
प्रदेश के सभी बेसिक व माध्यमिक स्तर के विद्यालयों में यह प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। यही नहीं, अयोध्या के विभिन्न घाटों व स्थलों पर रामायण से जुड़ी कलाकृतियों की स्थापना भी की जाएगी। इन कलाकृतियों की आधुनिक रूप से साज-सज्जा प्रस्तावित है।
संस्कृति विभाग जारी करेगा 100 करोड़
कलाकृतियों के निर्माण का कार्य उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी लखनऊ के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों द्वारा कराया जाएगा। बता दें कि संस्कृति विभाग की ओर से अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के आयोजन को देखते हुए लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रामोत्सव के तहत प्रतियोगिताओं व मूर्तिकला-चित्रकला के जरिए युवाओं को प्रेरित करने के लिए बजट में प्रविधान किया गया है।
प्रतियोगिताओं पर चार करोड़ रुपये और मूर्तिकला-चित्रकला पर ढाई करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। युवाओं को रामायण के प्रसंग से अवगत कराने के उद्देश्य से होने वाले इस कार्यक्रम को अलौकिक, दिव्य व भव्य बनाने की तैयारी है।
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