18% जीएसटी से जूझ रहा टेंट और क्रॉकरी व्यवसाय: आगरा में आयोजित बैठक में कर घटाकर 5% करने की उठी पुरजोर मांग, आंदोलन की चेतावनी

PRESS RELEASE

आगरा। टेंट, लाइट, क्रॉकरी एवं कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों ने सरकार से जीएसटी की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने तथा एमजी रोड सहित प्रमुख मार्गों पर व्यवसायिक वाहनों के आवागमन में व्यावहारिक छूट देने की मांग उठाई। व्यवसायियों का कहना है कि बढ़ती परिवहन लागत, यातायात प्रतिबंध और जीएसटी का मौजूदा ढांचा कारोबार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। यह निर्णय प्रतापपुरा स्थित द रमाना ग्रांड में आयोजित आगरा महानगर टेंट लाइट क्रॉकरी एंड कैटरर्स एसोसिएशन के प्रदेश कार्यकारिणी स्वागत-सम्मान समारोह एवं व्यवसायिक समस्याओं के समाधान हेतु गोष्ठी में लिया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष राजेश गोयल, अध्यक्ष प्रशांत बंसल, कोषाध्यक्ष राजीव गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, महामंत्री धर्मवीर कौशिक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष तरुण अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद संगठन की ओर से प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ सदस्यों का स्वागत और सम्मान किया गया।

सम्मान समारोह में वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण शर्मा, प्रदेश मंत्री प्रवीण चौहान, आगरा एसोसिएशन चेयरमैन राजेश गोयल, नोएडा एसोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश नागर, मेरठ मंडल के अध्यक्ष विनोद पाल, नोएडा एसोसिएशन के मंत्री विनोद शर्मा, आगरा के पूर्व अध्यक्ष संजय अग्रवाल एवं पूर्व कोषाध्यक्ष मनीष अग्रवाल का संगठन एवं व्यवसाय के हित में उनके योगदान के लिए स्वागत एवं सम्मान किया गया। साथ ही नोएडा में 19 और 20 सितंबर को आयोजित होने जा रहे प्रांतीय अधिवेशन का निमंत्रण भी दिया गया ।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि टेंट, लाइट, क्रॉकरी और कैटरिंग व्यवसाय केवल आयोजनों से जुड़ा कारोबार नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से बड़ी संख्या में छोटे-बड़े व्यापारी, कारीगर, श्रमिक, वाहन चालक एवं अन्य लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त करते हैं। इसलिए इस व्यवसाय की समस्याओं का समाधान व्यापक स्तर पर रोजगार और व्यापार को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

गोष्ठी में चेयरमैन राजेश गोयल ने कहा कि वर्तमान में टेंट एवं कैटरिंग व्यवसाय पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू है। इतनी अधिक कर दर के कारण व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जीएसटी को घटाकर 5 प्रतिशत किया जाए।

उन्होंने कहा कि जीएसटी दर कम होने से व्यवसायियों को राहत मिलने के साथ ही व्यापार का दायरा बढ़ सकता है। अधिक से अधिक व्यवसायी कर व्यवस्था से जुड़ेंगे और कारोबार में पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे सरकार के राजस्व में भी वृद्धि की संभावना है।

राजेश गोयल ने कहा कि प्रदेश स्तर पर इस मांग को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। संगठन की ओर से कई बार ज्ञापन के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जा चुकी है। यदि इसके बावजूद व्यवसायियों को राहत नहीं मिलती है तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होगा।

एमजी रोड पर प्रतिबंध से व्यवसायी परेशान

अध्यक्ष प्रशांत बंसल एवं महामंत्री धर्मवीर कौशिक ने कहा कि आगरा में टेंट, क्रॉकरी एवं कैटरिंग व्यवसायियों के सामने यातायात व्यवस्था एक गंभीर समस्या बन गई है। विशेष रूप से एमजी रोड पर भारी एवं व्यवसायिक वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध के कारण सामान को आयोजन स्थलों तक पहुंचाने में भारी परेशानी होती है।

उन्होंने कहा कि विडंबना यह है कि सरकारी आयोजनों के दौरान टेंपो और ट्रकों को आवागमन की अनुमति मिल जाती है, लेकिन जब यही वाहन किसी व्यक्तिगत या सामाजिक समारोह के लिए टेंट, क्रॉकरी अथवा अन्य सामान लेकर जाते हैं तो उनके आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि निजी एवं सामाजिक आयोजनों को भी ध्यान में रखते हुए टेंट, क्रॉकरी एवं कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े वाहनों के लिए निर्धारित समय और आवश्यक नियमों के साथ एमजी रोड पर आवागमन की अनुमति दी जाए, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके और शहर की यातायात व्यवस्था भी प्रभावित न हो।

बढ़ता किराया-भाड़ा बन रहा व्यवसाय की बड़ी चुनौती

पदाधिकारियों ने कहा कि लगातार बढ़ता किराया-भाड़ा टेंट एवं कैटरिंग व्यवसाय की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डाल रहा है। आयोजन स्थल तक सामान पहुंचाने में परिवहन लागत लगातार बढ़ रही है। इसका असर व्यवसायियों के मुनाफे पर पड़ने के साथ ही ग्राहकों के बजट पर भी पड़ता है।

उन्होंने कहा कि व्यवसाय को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए परिवहन व्यवस्था को सरल और व्यावहारिक बनाना आवश्यक है। प्रशासन को व्यवसायियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए जिससे यातायात अनुशासन भी बना रहे और व्यवसायिक गतिविधियां भी प्रभावित न हों।

प्रदेश स्तर पर एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान

गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि संगठन व्यवसायियों की समस्याओं को लेकर एकजुट है और प्रदेश स्तर पर सभी संबंधित संगठनों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास जारी रखे जाएंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार एवं प्रशासन से सकारात्मक संवाद के माध्यम से समाधान की पहली प्राथमिकता रहेगी, लेकिन यदि समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन का निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगा।

ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष राजीव गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, मंत्री नीरज अग्रवाल, संगठन मंत्री विक्रम कुशवाहा, प्रदेश संगठन मंत्री मुकेश निर्वाणिया, उप महामंत्री गौरव जैन, मुकेश गौतम, जितेंद्र प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh