लखनऊ: लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी के जनाधार को सर्वसमाज के बीच व्यापक स्तर पर मजबूत करने के लिए एक बड़ा सांगठनिक फैसला लिया है। इसके तहत अब पूरे देश के राज्यों को सुचारू संचालन के लिए तीन प्रमुख सेक्टरों में विभाजित कर दिया गया है, जिसकी कमान अनुभवी और भरोसेमंद नेताओं के हाथों में सौंपी गई है।
सांगठनिक ढांचा: तीन सेक्टरों में बंटा बीएसपी का कामकाज
पार्टी के नए स्वरूप के मुताबिक, सांगठनिक व्यवस्था को इस प्रकार व्यवस्थित किया गया है:
सेक्टर नंबर-1: इस सेक्टर के अंतर्गत देश के 10 राज्य शामिल किए गए हैं। इन सभी राज्यों में पार्टी के सभी कार्यों और गतिविधियों की देखरेख की जिम्मेदारी बीएसपी के राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और सुरेश राव को संयुक्त रूप से केंद्रीय सेक्टर प्रभारी के तौर पर दी गई है।
सेक्टर नंबर-2: इस सेक्टर में कुल 9 राज्यों को शामिल किया गया है। यहां पार्टी के कामकाज को संचालित करने के लिए पूर्व राज्यसभा सांसद राजाराम और पूर्व विधायक अतर सिंह राव को केंद्रीय सेक्टर प्रभारी नियुक्त किया गया है।
सेक्टर नंबर-3: इस विशेष सेक्टर में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों को रखा गया है। इन दोनों महत्वपूर्ण राज्यों की सांगठनिक गतिविधियों पर सीधा नियंत्रण और संचालन लखनऊ स्थित पार्टी के केंद्रीय कैंप कार्यालय (9, मॉल एवेन्यू) के माध्यम से किया जा रहा है।
प्राकृतिक आपदाओं और संकट के समय मदद के निर्देश
हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में भारी मानसूनी बारिश, आंधी-तूफान और प्राकृतिक आपदाओं के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस चुनौतीपूर्ण समय को लेकर मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए अपनी चिंता जाहिर की और सरकारों के साथ-साथ अपनी पार्टी के कैडर को भी कड़े निर्देश दिए हैं।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ऐसे कठिन और कुदरती हालातों में संबंधित सभी राज्य सरकारों का यह दायित्व बनता है कि वे प्रभावित नागरिकों को हरसंभव स्तर पर सहायता प्रदान करें।
कार्यकर्ताओं के लिए हिदायत: चंदा वसूलने पर पूरी रोक
देश के कई राज्यों में मौसम की मार और तबाही को देखते हुए मायावती ने सेक्टर नंबर-1 और सेक्टर नंबर-2 के चारों केंद्रीय सेक्टर प्रभारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि उनके अंतर्गत आने वाले जिन-जिन राज्यों में भारी बारिश और तूफानों ने जान-माल का भारी नुकसान पहुंचाया है, वहां पार्टी के कार्यकर्ता अपनी सामर्थ्य और क्षमता के अनुसार पीड़ित लोगों की हरसंभव मदद जरूर करें।
हालांकि, इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राहत कार्यों के नाम पर किसी भी प्रकार का अलग से धन या चंदा नहीं इकट्ठा किया जाएगा, ताकि कोई इस आपदा की आड़ में इसका गलत फायदा न उठा सके।
खुद रख रही हैं नजर और जरूरत पड़ने पर दौरा भी संभव
मायावती ने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह ज्यादा प्रभावित राज्यों में पार्टी के राष्ट्रीय प्रभारी ईशान आनंद को विशेष तौर पर भेज सकती हैं। वहीं, सेक्टर नंबर-3 (उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) के हालातों पर वह स्वयं बेहद बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर वे खुद भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर सकती हैं। अंत में उन्होंने केंद्र सरकार से भी पुरजोर अपील की है कि वे देश के अधिक आपदा-ग्रस्त राज्यों की सरकारों को समय पर हर संभव वित्तीय और प्रशासनिक मदद मुहैया कराएं।
महाराष्ट्र के सूखे और किसानों के संकट पर भी मुखर
देश के अन्य हिस्सों में बाढ़ और बारिश की तबाही के साथ-साथ मायावती ने महाराष्ट्र में सूखे की मार झेल रहे नागरिकों और किसानों की दयनीय स्थिति पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार को सूखे से त्रस्त इलाकों में केवल कागजी औपचारिकताएं पूरी नहीं करनी चाहिए, बल्कि पीड़ितों और किसानों तक जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाकर उन्हें तत्काल प्रभाव से फौरी राहत मुहैया कराने के प्रयास करने चाहिए।
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