आगरा: ताजनगरी आगरा में सरकारी जमीनों और संपत्तियों पर अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने अपना कड़ा रुख अपनाते हुए बुधवार को एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया। नगर निगम की टीम ने रतनपुरा के नुनिहाई स्थित निगम के खत्ताघर की बेशकीमती भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए पांच पक्के मकानों को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान मौके पर कुछ स्थानीय महिलाओं और कब्जाधारकों ने विरोध प्रदर्शन करने का प्रयास किया, लेकिन भारी पुलिस बल और नगर निगम की विशेष टास्क फोर्स की मौजूदगी के चलते यह अभियान बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रखा गया। निगम प्रशासन ने एक बार फिर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे और आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
लाल निशान लगाने के बाद भी नहीं हटाए गए थे अवैध कब्जे
नगर निगम प्रशासन से प्राप्त विवरण के अनुसार, वार्ड रतनपुरा के अंतर्गत आने वाले नुनिहाई क्षेत्र में नगर निगम के आधिकारिक खत्ताघर की जमीन पर कथित तौर पर अवैध रूप से कब्जा कर पांच पक्के मकानों का निर्माण कर लिया गया था। इस मामले की गंभीर शिकायत स्थानीय पार्षद द्वारा नगर निगम के उच्च अधिकारियों से की गई थी। शिकायत मिलने के बाद निगम अधिकारियों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और स्थल की वास्तविक स्थिति की जांच कराने के बाद नियमानुसार विधिवत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
इस पूरी प्रक्रिया के तहत, लगभग 15 दिन पहले ही संबंधित अवैध निर्माणों पर निगम की ओर से लाल निशान (मार्किंग) लगा दिए गए थे। उस वक्त कब्जाधारकों को स्पष्ट और अंतिम चेतावनी दी गई थी कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर खुद ही नगर निगम की इस जमीन से अपने अवैध निर्माण हटा लें। चेतावनी में यह भी साफ किया गया था कि यदि तय अवधि के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो निगम प्रशासन बलपूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, बार-बार चेतावनी दिए जाने और पर्याप्त समय मिलने के बावजूद कब्जाधारकों ने अपनी हरकत नहीं छोड़ी और निर्धारित अवधि में कब्जे नहीं हटाए। इसके बाद बुधवार को दोपहर के वक्त निगम की टीम भारी पुलिस बल और टास्क फोर्स के साथ मौके पर पहुंची और सभी पांचों मकानों को जमींदोज कर दिया।
विरोध के बीच भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला ध्वस्तीकरण अभियान
कार्रवाई के दौरान जब प्रशासन का बुलडोजर अवैध निर्माणों पर चला, तो मौके पर मौजूद कुछ महिलाओं ने इसका कड़ा विरोध जताया। हालांकि, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए स्थानीय थाने का पुलिस बल पहले से ही मौके पर तैनात किया गया था। नगर निगम की टास्क फोर्स और पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे के बीच इस पूरे ध्वस्तीकरण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व सहायक अभियंता जीवेक द्वारा किया गया। पुलिस की मजबूत मौजूदगी के कारण विरोध करने वालों की एक न चली और निगम की टीम ने खत्ताघर की जमीन पर बने पांचों मकानों को पूरी तरह हटाकर सरकारी भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त करा लिया।
पार्षद की शिकायत के बाद हरकत में आया निगम प्रशासन
नुनहाई के रतनपुरा इलाके में नगर निगम की सार्वजनिक भूमि पर कब्जे का यह पूरा मामला स्थानीय पार्षद की लिखित शिकायत के बाद प्रशासनिक संज्ञान में आया था। शिकायत मिलने के तुरंत बाद निगम प्रशासन ने संबंधित स्थल पर जाकर सभी अवैध निर्माणों को चिह्नित किया और कब्जाधारकों को स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया था। प्रशासन की ओर से पहले लाल निशान लगाकर चेतावनी देना और तय समय बीतने के बाद बुलडोजर चलाना, शहर की सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के चल रहे व्यापक अभियान का ही एक अहम हिस्सा है।
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बिल्कुल बर्दाश्त नहीं: नगर आयुक्त
इस पूरी कार्रवाई के संबंध में कड़ा रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने दो टूक शब्दों में कहा कि नगर निगम की किसी भी सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम की संपत्तियों की रक्षा करना और उन्हें अतिक्रमण मुक्त बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ी जैसे ही कोई शिकायत प्राप्त होती है, उसकी त्वरित स्थलीय जांच कराकर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाती है।
उन्होंने आम जनता से भी यह अपील की है कि वे किसी भी सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने से बचें और नगर निगम के इस जनहितैषी एवं विकासपरक अभियान में पूरा सहयोग प्रदान करें। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी जहां कहीं से भी निगम की संपत्तियों पर अवैध कब्जे की शिकायत मिलेगी, वहां तुरंत जांच कर सख्त कदम उठाए जाएंगे। रतनपुरा, नुनिहाई में पांच मकानों का यह ध्वस्तीकरण इसी कड़े अभियान की अगली कड़ी है।
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