प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में माफिया के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई 9,811 वर्ग मीटर भूमि पर ‘पद्म लोक आवास योजना’ के तहत 191 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले 602 आवासों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत पीपलगांव में नवनिर्मित 556 आवासों के पात्र लाभार्थियों को अपने हाथों से घरों की चाबियां भी वितरित कीं।
इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार आती है, तो वह अपने साथ माफिया और गुंडे-बदमाश लेकर आती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने पर हमेशा विकास और सकारात्मक बदलाव आता है।
उन्होंने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब कसारी-मसारी नाम नहीं रहेगा, बल्कि इस पूरे क्षेत्र को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। माफिया के चंगुल से छुड़ाई गई इस भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे और यहां एक सुव्यवस्थित आधुनिक टाउनशिप बसाई जाएगी।
अवैध कब्जा कर अतीक ने बनाया था अय्याशी का अड्डा
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि प्रयागराज की पावन धरती पर अब कोई भी व्यक्ति माफियागिरी करने का दुस्साहस नहीं करेगा, और यदि किसी ने ऐसा करने की हिमाकत की, तो उसे मिट्टी में मिलाने की पूरी तैयारी भी रखनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी गुंडा या माफिया अब किसी गरीब की संपत्ति पर जबरन कब्जा नहीं कर सकता, और यदि किसी ने ऐसा किया, तो उसके बाप-दादा की कमाई को भी जब्त कर लिया जाएगा।
लूकरगंज के बाद अब कसारी-मसारी में भी माफिया से मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर गरीबों के आशियाने बनाए जा रहे हैं। जिस भूमि पर कभी कुख्यात माफिया अतीक अहमद और उसके कारिंदों का अवैध कब्जा था, वहां अब गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्के मकान आकार ले रहे हैं। लगभग ढाई हेक्टेयर यानी करीब 15 बीघा जमीन पर अतीक अहमद और उसके गुंडों ने अवैध कब्जा कर वहां अपना अस्तबल और अय्याशी का अड्डा बना रखा था। सरकार ने उस आपराधिक साम्राज्य को नेस्तनाबूद कर जमीन को पूरी तरह मुक्त कराया। अब इसी भूमि पर गरीबों के लिए आवासों का निर्माण हो रहा है। यह महज जमीन को खाली कराने की कार्रवाई नहीं है, बल्कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े गरीब परिवारों के जीवन उत्थान का संकल्प है।
माफिया अतीक-अशरफ के आगे घुटने टेकती थी पिछली सरकार
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज की महिमा का बखान करते हुए कहा कि यह तीर्थराज है, जो सामाजिक समता की भूमि, भगवान अक्षयवट की पावन धरा और महर्षि भारद्वाज की तपस्या से पवित्र हुई पवित्र नगरी है। इस भूमि ने पीढ़ियों से तीर्थ के महात्म्य को संजोए रखा है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब इसी प्रयागराज में माफिया अतीक और अशरफ जिस जमीन पर पैर रख देते थे, वह उन्हीं की हो जाती थी और तब की प्रदेश सरकार उनके सामने घुटने टेककर मौन साधे रहती थी। उस दौर में बेटियों की सुरक्षा खतरे में रहती थी और माफिया खुलेआम असलहा लहराकर प्रयागराज की सड़कों पर दहशत फैलाते थे। अपराधियों के आतंक के कारण आम नागरिक खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस करता था। ऐसे खौफनाक माहौल में न तो विकास संभव था, न कोई निवेशक आने को तैयार था और न ही युवाओं के रोजगार के लिए कोई दूरदर्शी कार्ययोजना बन सकती थी।
अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनकी सरकार ने कार्यभार संभालने के पहले दिन ही यह स्पष्ट कर दिया था कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और उत्तर प्रदेश को पूरी तरह माफिया मुक्त बनाया जाएगा। आज इसी कड़े संकल्प के सकारात्मक परिणाम धरातल पर साफ दिखाई दे रहे हैं। कभी आतंक का पर्याय रहे माफिया को कानून के दायरे में लाकर सजा दिलाई जा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि प्रयागराज में किस तरह विधायक राजू पाल की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और तब की सरकार इन अपराधियों के सामने गिड़गिड़ाती नजर आती थी।
सरकार ने माफिया के अवैध साम्राज्य को ढहाकर उस जमीन का उपयोग गरीबों के कल्याण में करने का बीड़ा उठाया है। लूकरगंज में माफिया के चंगुल से मुक्त कराई गई जमीन पर 86 गरीब परिवारों के लिए हाईराइज इमारत बनाकर आवास दिए जा चुके हैं। अब कसारी-मसारी में इस आवासीय योजना के तहत पहले चरण में 602 परिवारों और दूसरे चरण में 598 परिवारों यानी कुल लगभग 1,200 परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे।
बाजार, पार्क, जिम और आधुनिक खेल सुविधाएं होंगी उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जब इस नए आवासीय परिसर में लगभग 1,200 परिवार निवास करेंगे, तो वहां छह से साढ़े छह हजार से अधिक लोगों की आबादी होगी। इन नागरिकों के लिए केवल चार दीवारी वाले मकान ही नहीं, बल्कि एक मुकम्मल और व्यवस्थित टाउनशिप विकसित की जाएगी। यहां स्थानीय बाजार होगा, खूबसूरत पार्क बनाए जाएंगे, बच्चों के लिए खेलकूद का मैदान होगा, जिम की सुविधा होगी और निवासियों की अन्य सभी दैनिक आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण इन तमाम सुविधाओं को विकसित करने के कार्य में जुटा हुआ है।
उन्होंने कहा कि गरीबों को छत देने का मतलब केवल चारदीवारी खड़ा करना नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के लिए एक ऐसा अनुकूल वातावरण तैयार करना है जहां बच्चों को बेहतर शिक्षा-दीक्षा मिल सके और पूरा परिवार समाज में सम्मान के साथ जीवन जी सके। सरकार बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद और हर जाति के व्यक्ति को आवास दे रही है। आजादी के बाद देश के इतिहास में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में 65 लाख गरीबों को पक्के आवास मिले हैं।
प्रयागराज में बुनियादी ढांचे का विस्तार और कनेक्टिविटी
विकास कार्यों का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि महाकुंभ के आयोजनों के दौरान प्रयागराज में सड़कों का अभूतपूर्व चौड़ीकरण किया गया है। अब शहर में सात से चौदह मीटर तक चौड़ी सड़कें मौजूद हैं, जिससे यातायात बेहद सुगम हो गया है। सरकार सुरक्षा का ऐसा सुरक्षित आवरण दे रही है जिससे युवाओं को रोजगार मिले, उद्योगों का रास्ता खुले और हर नागरिक सुशासन का लाभ ले सके। इसी कड़ी में सहसों क्षेत्र में गंगा नदी पर बड़े पुल के निर्माण पर 950 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। साथ ही, इसी विधानसभा क्षेत्र में डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण भी अब अपने अंतिम चरण में है।
महाराजा बिजली पासी के नाम पर बनेगा आधुनिक आईटीआई
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रयागराज में एक नए आईटीआई (ITI) के निर्माण की योजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिसका नाम महान योद्धा ‘महाराजा बिजली पासी’ के नाम पर रखा जाएगा। महाराजा बिजली पासी ने लखनऊ और उसके आसपास के क्षेत्रों में 12 किलों का निर्माण कराया था और विदेशी आक्रांताओं के दौर में सनातन संस्कृति व देश की रक्षा में उनका ऐतिहासिक योगदान रहा है। उनके नाम पर आईटीआई बनने से युवा तकनीकी शिक्षा के साथ उनके गौरवशाली इतिहास से भी जुड़ेंगे।
बेहतर होती कनेक्टिविटी और डबल इंजन सरकार का असर
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रयागराज देश के कोने-कोने से बेहतरीन कनेक्टिविटी से जुड़ चुका है। शहर में आधुनिक एयरपोर्ट अपनी सेवाएं दे रहा है, और गंगा एक्सप्रेसवे प्रयागराज से सीधे मेरठ व राजधानी दिल्ली की दूरी को काफी हद तक कम कर रहा है। पहले जहां कार से प्रयागराज से दिल्ली जाने में 10 से 12 घंटे का लंबा समय लगता था, वहीं अब गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए यह सफर महज सात घंटे में पूरा किया जा सकेगा। यही डबल इंजन की भाजपा सरकार का असली और धरातलीय बदलाव है।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में राज्य के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, प्रयागराज पश्चिमी के विधायक व पूर्व मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, सांसद प्रवीण पटेल, महापौर गणेश केसरवानी, विधायकगण हर्षवर्धन वाजपेई, पीयूष रंजन निषाद, दीपक पटेल, गुरु प्रसाद मौर्य, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक पूजा पाल तथा पूर्व सांसद विनोद सोनकर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मंच पर जिन प्रमुख लाभार्थियों को आवास की चाबियां सौंपी गईं, उनमें शामिल हैं:
ममता
सिंधु श्रीवास्तव
कंचन सोनी
बसंती देवी
निरुपम चक्रवर्ती
शंकरलाल कुशवाहा
प्रियंका सोनकर
ललिता पांडे
रंजीता सोनकर
हरिशंकर मिश्रा
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