पूर्व फायरफाइटर जितेंद्र राठौर बने भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री

PRESS RELEASE

मेधावी युवा एवं पूर्व फायरफाइटर जितेंद्र राठौर बने भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री

राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने सौंपा मनोनयन प्रमाण-पत्र, संगठन के राष्ट्रव्यापी प्रचार-प्रसार की मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

UGC NET/JRF में AIR-132 प्राप्त करने वाले Ph.D. शोधार्थी एवं सामाजिक कार्यकर्ता हैं जितेंद्र राठौर

किसानों के विधिक अधिकारों के साथ वैदिक गणित, साइबर सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा अभियानों को राष्ट्रीय स्तर पर गति देने का संकल्प


बरसाना (मथुरा) 

देश के किसानों के हितों के लिए कार्यरत संगठन भारतीय किसान यूनियन (भानु) के केंद्रीय कार्यालय मान मंदिर, बरसाना, जिला मथुरा से संगठन के विस्तार से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने संगठन का विस्तार करते हुए जितेंद्र राठौर, निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, को उनकी शैक्षणिक योग्यता, सामाजिक सक्रियता एवं जनसेवा के कार्यों को देखते हुए राष्ट्रीय प्रचार मंत्री के महत्वपूर्ण पद पर मनोनीत किया है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रता

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प सिंह ने अपने हस्ताक्षर से जारी मनोनयन प्रमाण-पत्र (रजि. नं. 9936) जितेंद्र राठौर को सौंपा और उन्हें संगठन के राष्ट्रव्यापी प्रचार-प्रसार एवं जनसंपर्क को मजबूत करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी।

उच्च शैक्षणिक योग्यता और सामाजिक सरोकार

नवनियुक्त राष्ट्रीय प्रचार मंत्री जितेंद्र राठौर उच्च शैक्षणिक योग्यता रखने वाले युवा सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने मैथमेटिक्स विषय में UGC NET/JRF परीक्षा ऑल इंडिया रैंक (AIR-132) के साथ क्वालीफाई की है। वे दयालबाग डीम्ड विश्वविद्यालय, आगरा से Ph.D. शोधार्थी भी रहे हैं तथा वर्तमान में एलएल.बी. (LL.B.) के छात्र हैं।

जितेंद्र राठौर द्वारा जनहित में वैदिक गणित, साइबर सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा से संबंधित जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जाते रहे हैं। इन अभियानों को उत्तर प्रदेश के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), फिरोजाबाद सहित आगरा एवं महाराजगंज जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में आधिकारिक स्तर पर मान्यता एवं सराहना प्राप्त होने की बात प्रेस विज्ञप्ति में कही गई है।

परीक्षा-नकल एवं संस्थागत भ्रष्टाचार के विरुद्ध कानूनी संघर्ष

जितेंद्र राठौर वर्तमान में परीक्षा-नकल माफिया एवं संस्थागत भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को लेकर कानूनी लड़ाई भी लड़ रहे हैं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वे माननीय उच्चतम न्यायालय (Supreme Court of India) के समक्ष Diary No. 34554/2024 में Petitioner-in-Person के रूप में याचिकाकर्ता हैं।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि इस मामले में शीर्ष अदालत द्वारा संज्ञान लिया गया है तथा Amicus Curiae की नियुक्ति भी की गई है। जितेंद्र राठौर का कहना है कि वे परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई और युवाओं के अधिकारों के लिए कानूनी स्तर पर अपना संघर्ष जारी रखे हुए हैं।

अग्निशमन सेवा में भी दे चुके हैं सेवाएं

जितेंद्र राठौर उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा में फायरमैन के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अग्नि सुरक्षा के क्षेत्र में उनके अनुभव को देखते हुए उनके द्वारा फायर सेफ्टी एवं जन-जागरूकता अभियानों को भी विशेष रूप से आगे बढ़ाया गया है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने के कारण उन्हें विभिन्न प्रकार की प्रतिकूल परिस्थितियों और कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। इसके बावजूद उन्होंने न्याय एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है।

किसानों और युवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने का संकल्प

भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री के रूप में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद जितेंद्र राठौर ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने उन पर जो विश्वास व्यक्त किया है, वह उनके लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि संगठन की नीति एवं सिद्धांतों का पूर्ण पालन करते हुए जाति और धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर किसानों के हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता होगी। किसानों के विधिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के साथ ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए वैदिक गणित, साइबर सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा से जुड़े जन-जागरूकता अभियानों को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का प्रयास किया जाएगा।

मनोनयन पर शुभकामनाओं का दौर

जितेंद्र राठौर के राष्ट्रीय प्रचार मंत्री पद पर मनोनयन की घोषणा के बाद आज़ाद अधिकार सेना के कार्यकर्ताओं, किसान संगठनों, मेधावी छात्रों तथा प्रबुद्ध समाज में प्रसन्नता व्यक्त की गई। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े शुभचिंतकों एवं समर्थकों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।

संगठन से जुड़े लोगों ने उम्मीद जताई कि जितेंद्र राठौर अपनी शैक्षणिक योग्यता, प्रशासनिक एवं सामाजिक अनुभव, अग्निशमन सेवा की पृष्ठभूमि तथा जनहित के मुद्दों पर सक्रियता का उपयोग करते हुए भारतीय किसान यूनियन (भानु) के संगठनात्मक विस्तार और प्रचार-प्रसार को नई दिशा देंगे।

संपादकीय: किसान हितों की लड़ाई में शिक्षित और जागरूक युवाओं की भागीदारी जरूरी

आज जब देश का किसान केवल खेती से जुड़ी समस्याओं ही नहीं, बल्कि बाजार, कानून, तकनीक, प्रशासनिक व्यवस्था और बदलती सामाजिक परिस्थितियों जैसी अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे समय में किसान संगठनों की जिम्मेदारी भी पहले से कहीं अधिक बढ़ जाती है। केवल आंदोलन करना ही पर्याप्त नहीं है; किसानों को उनके विधिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं, डिजिटल सुरक्षा और आधुनिक ज्ञान के प्रति जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है। ऐसे में शिक्षित और सामाजिक सरोकार रखने वाले युवाओं को किसान संगठनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलना सकारात्मक संकेत माना जाना चाहिए।

जितेंद्र राठौर का राष्ट्रीय प्रचार मंत्री के रूप में मनोनयन इसी बदलती सोच की ओर संकेत करता है। गणित विषय में UGC NET/JRF में AIR-132 जैसी उपलब्धि, Ph.D. शोध का अनुभव, एलएल.बी. की पढ़ाई, अग्निशमन सेवा में कार्य का अनुभव तथा वैदिक गणित, साइबर सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा जैसे जन-जागरूकता अभियानों से जुड़ाव—इन सभी क्षेत्रों का अनुभव संगठन के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। आज किसान संगठन को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो जमीन से जुड़े संघर्ष को ज्ञान, कानून और आधुनिक संचार माध्यमों से जोड़ सके। यदि इस जिम्मेदारी का प्रभावी ढंग से निर्वहन होता है तो किसान हितों की आवाज को व्यापक समाज और नीति-निर्माताओं तक अधिक मजबूती से पहुंचाया जा सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसान हित किसी जाति, धर्म या क्षेत्र की सीमा में नहीं बंध सकते। देश का कृषि तंत्र मजबूत होगा तो गांव, बाजार और पूरी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इसलिए किसान संगठनों को संघर्ष के साथ-साथ रचनात्मक जन-जागरूकता, कानूनी सहायता, युवा नेतृत्व, शिक्षा और तकनीकी जागरूकता पर भी समान जोर देना चाहिए। भारतीय किसान यूनियन (भानु) को भी इस नई जिम्मेदारी के माध्यम से संगठनात्मक विस्तार के साथ ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करनी चाहिए, जिसमें किसानों की वास्तविक समस्याओं को तथ्यों और कानून के आधार पर मजबूती से उठाया जाए। युवा ऊर्जा और किसान अनुभव का यह मेल निश्चित रूप से ग्रामीण भारत के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।

डॉक्टर भानु प्रताप सिंह, संपादक

Dr. Bhanu Pratap Singh