आगरा। ताजनगरी आगरा में लगातार बिगड़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) और बढ़ते प्रदूषण के बीच नगर निगम प्रशासन ने नियम तोड़ने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। नगर निगम की विशेष टीम ने शहर के पॉश इलाके फतेहाबाद रोड स्थित कई नामी होटल और रेस्तरां में औचक छापेमारी की। इस दौरान राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद रसोई घरों में धड़ल्ले से कोयले की भट्ठियां जलती पाई गईं। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जलती भट्ठियों को पानी डालकर बुझवाया और चार प्रमुख होटल-रेस्तरां संचालकों पर कुल 1.70 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना ठोका।
इस बड़ी कार्रवाई में फतेहाबाद रोड स्थित ‘होटल जिंजर’ पर सर्वाधिक 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा ‘अमृतसर हवेली’ पर 50 हजार रुपये, ‘होटल अतिथि’ पर 25 हजार रुपये और ‘199 मटन बिरयानी’ केंद्र पर 15 हजार रुपये की पेनाल्टी लगाकर मौके पर ही वसूली की गई। नगर निगम के इस कड़े रुख से फतेहाबाद रोड के होटल और रेस्तरां संचालकों में दिनभर हड़कंप मचा रहा।
पानी डालकर बुझाई गईं कोयले की भट्ठियां
निरीक्षण दल ने केवल कागजी चालान या जुर्माना लगाकर इतिश्री नहीं की, बल्कि होटल की रसोइयों में धधक रही कोयले की भट्ठियों को तुरंत पानी डालकर मौके पर ही ठंडा करवाया। अधिकारियों ने सभी संचालकों को अंतिम चेतावनी दी है कि यदि दोबारा जांच के दौरान प्रतिबंधित ईंधन या कोयले का प्रयोग पाया गया, तो संबंधित प्रतिष्ठानों को सील करने जैसी और अधिक कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि आगरा में एनजीटी के सख्त दिशा-निर्देशों के बावजूद कई व्यावसायिक रसोइयों में तंदूर और भट्ठियां जलाने के लिए कोयले का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो शहर की हवा में जहरीला धुआं घोल रहा है।
सड़क पर मलबा डालने पर GMB रेस्तरां पर भी पेनाल्टी
कार्रवाई की इस कड़ी में नगर निगम की टीम ने ‘जीएमबी (GMB) रेस्तरां’ के खिलाफ भी दंडात्मक कदम उठाया। रेस्तरां के बाहर सार्वजनिक सड़क पर निर्माण सामग्री और मलबा फैलाकर गंदगी व धूल उड़ाने के मामले में संचालक पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। नगर निगम अधिकारियों ने साफ किया कि वायु प्रदूषण फैलाने के साथ-साथ सड़कों पर अतिक्रमण या मलबा डालने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
खुले में कचरा जलाने और अवैध ईंधन पर रहेगी पैनी नजर
आगरा शहर में वायु प्रदूषण का ग्राफ तेजी से बढ़ाने में वाहनों के धुएं के साथ-साथ खुले में कचरा व प्लास्टिक जलाना और होटलों में कोयले का इस्तेमाल मुख्य कारक बनकर उभरा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों और प्रवर्तन टीमों को शहरभर में निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश जारी किए हैं।
नगर निगम की टीमें अब शहर के विभिन्न क्षेत्रों में खुले में कूड़ा जलाने, सड़क किनारे निर्माण सामग्री बिना ढके रखने और होटल-रेस्तरां में प्रतिबंधित ईंधन के उपयोग पर लगातार छापेमारी जारी रखेंगी।
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