आगरा के किरावली में व्यापारी के नाम पर फर्जी चालू खाता खोल 1.27 करोड़ का संदिग्ध ट्रांजैक्शन; आयकर नोटिस से हुआ खुलासा, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज

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आगरा। किरावली में कृषि यंत्र विक्रेता के नाम पर कथित तौर पर फर्जीवाड़ा कर चालू खाता खुलवाने और उससे करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन किए जाने का मामला सामने आया है। श्याम एग्रो एजेंसी के संचालक गोविंद सिंह के नाम पर खोले गए खाते से करीब 1.27 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम अलग-अलग कंपनियों के खातों में भेजे जाने का आरोप है। शिकायत में बैंक कर्मचारी की मिलीभगत की बात भी कही गई है।

पीड़ित व्यापारी को पूरे मामले की जानकारी तब हुई, जब आयकर विभाग की ओर से उन्हें भारी रकम से जुड़ा नोटिस मिला। बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर खाते में करोड़ों के लेन-देन का पता चला तो उनके होश उड़ गए। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद किरावली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सेल्समैन बनाने का झांसा देकर खुलवाया खाता

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, गोविंद सिंह किरावली में ‘श्याम एग्रो एजेंसी’ के नाम से कृषि यंत्रों का कारोबार करते हैं। उनके पड़ोसी रवि ने वर्ष 2024 में उन्हें अपनी कंपनी में सेल्समैन बनाने का प्रस्ताव दिया था। आरोप है कि इसी दौरान रवि ने गोविंद का भरोसा जीता और केनरा बैंक की किरावली शाखा के एक कर्मचारी से कथित मिलीभगत कर उनके नाम पर नया चालू खाता खुलवा दिया। शिकायत में आरोप है कि खाते की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए रवि गोविंद को राजस्थान भी ले गया। वहां खाते का हिसाब-किताब रखने की बात कहकर उसने नए खाते से जुड़ा सिम कार्ड अपने पास रख लिया।

पहले 28.80 लाख, फिर करोड़ों का ट्रांजैक्शन

आरोप है कि बैंक कर्मचारी की मिलीभगत से सिम का गलत इस्तेमाल कर खाते में सबसे पहले 28.80 लाख रुपये डाले गए। इसके बाद खाते से लगातार बड़े स्तर पर लेन-देन होने लगा। शिकायत के अनुसार, कुल 1 करोड़ 27 लाख 31 हजार 500 रुपये अलग-अलग कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किए गए। इनमें ए.आर. एंटरप्राइजेज, डीजीबीएमटी इंडस्ट्रीज, दुर्गम प्लेट हाउस और मोहित गारमेंट्स समेत अन्य खाते बताए गए हैं। गोविंद सिंह का ज्यादातर नियमित बैंकिंग लेन-देन पंजाब नेशनल बैंक के खाते से होता था। इसी वजह से उन्होंने केनरा बैंक के नए चालू खाते पर ध्यान नहीं दिया और लंबे समय तक उन्हें इसके लेन-देन की खबर नहीं लगी।

आयकर विभाग के नोटिस से खुला पूरा मामला

मामले का खुलासा तब हुआ, जब पिछले माह गोविंद सिंह को आयकर विभाग से भारी रकम से जुड़ा नोटिस मिला। नोटिस देखकर उन्होंने बैंक खाते की जानकारी जुटाई और स्टेटमेंट की जांच कराई। स्टेटमेंट सामने आते ही एक के बाद एक बड़े लेन-देन दिखे। अपने नाम पर खुले खाते से करोड़ों के ट्रांजैक्शन देखकर वह हैरान रह गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

थाने से अधिकारियों तक लगाई गुहार, नहीं हुई सुनवाई

पीड़ित व्यापारी के मुताबिक, उन्होंने किरावली थाने में लिखित शिकायत दी, लेकिन तुरंत एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने रजिस्ट्री डाक से पुलिस के उच्चाधिकारियों को भी प्रार्थना पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि वहां से भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार प्रयासों के बावजूद सुनवाई न होने पर गोविंद सिंह ने आगरा न्यायालय का रुख किया और मामले की गंभीरता रखते हुए न्याय की गुहार लगाई। अदालत के सख्त रुख के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस ने शुरू की जांच, साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई

थाना प्रभारी मदन सिंह के मुताबिक, अदालत के आदेश और पीड़ित की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अब बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, खाता खोलने की प्रक्रिया, मोबाइल नंबर और सिम कार्ड के इस्तेमाल, संदिग्ध ट्रांजैक्शन और जिन खातों में रकम भेजी गई, उनकी जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि व्यापारी के नाम पर खाता किस मकसद से खुलवाया गया, खाते का संचालन किसने किया और करोड़ों के इस कथित लेन-देन के पीछे कौन-कौन शामिल था। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और रकम के असली स्रोत का खुलासा होने की उम्मीद है।

Dr. Bhanu Pratap Singh