​”भ्रामक और फेक वीडियो फैलाए तो होगी जेल…”: उत्तर रेलवे ने सोशल मीडिया पर भ्रामक कंटेंट पोस्ट करने वालों पर कसा शिकंजा

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नई दिल्ली। दीपावली और छठ महापर्व के अवसर पर अपने घरों को लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ के बीच रेलवे परिसरों तथा ट्रेनों से जुड़ी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसी बीच, उत्तर रेलवे (Northern Railway) ने सोशल मीडिया पर भ्रामक, पुरानी और फर्जी वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ अभूतपूर्व और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। रेलवे परिसरों और ट्रेनों से संबंधित कथित फेक वीडियो पोस्ट कर यात्रियों के बीच डर और अफवाह फैलाने के गंभीर आरोप में उत्तर रेलवे प्रशासन ने दो इंस्टाग्राम हैंडलर्स के खिलाफ विधिवत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है।

​पुराने और भ्रामक वीडियो को नया बताकर पोस्ट करने का आरोप

​उत्तर रेलवे प्रशासन द्वारा जारी बयान के मुताबिक, कुछ असामाजिक व असंतोषजनक तत्व पुरानी घटनाओं अथवा अन्य स्थानों के वीडियो को वर्तमान त्योहारी सीजन का बताकर सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर कर रहे हैं। त्योहारी भीड़ के इस नाजुक समय में, जब लाखों यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सफर कर रहे हैं, ऐसे भ्रामक वीडियो शेयर होने से आम यात्रियों के बीच अकारण भय, असमंजस और अफरा-तफरी का माहौल बनने का खतरा पैदा हो जाता है।

​उत्तर रेलवे का कड़ा रुख: अफवाह बर्दाश्त नहीं की जाएगी

​रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान सभी यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। रेलवे ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि रेल सेवाओं की छवि धूमिल करने और जनता में खौफ पैदा करने वाली किसी भी झूठी या मनगढ़ंत सामग्री को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे कृत्य में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के कठोर प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

​यूजर्स से बिना पुष्टि वीडियो शेयर न करने की अपील

​उत्तर रेलवे ने सभी इंटरनेट और सोशल मीडिया यूजर्स से यह जिम्मेदारी उठाने का आग्रह किया है कि वे किसी भी वीडियो या सूचना को आगे साझा या री-पोस्ट (Re-post) करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अधूरी, भ्रामक अथवा असत्यापित सामग्री को फॉरवर्ड न करें, ताकि दीपोत्सव के इस खुशी के माहौल में यात्रियों के बीच किसी भी प्रकार की अनावश्यक घबराहट न फैले।

Dr. Bhanu Pratap Singh