डायरिया के प्रति जागरूकता की अलख जगाएंगे दवा विक्रेता: आगरा में ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के तहत कार्यशाला में लिया गया बड़ा संकल्प

स्थानीय समाचार

​आगरा: ताजनगरी आगरा के केमिस्ट एसोसिएशन ने शून्य से पांच साल तक के बच्चों को डायरिया जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित बनाने में अपनी एक अहम भूमिका निभाने का संकल्प लिया है। इसके तहत अब दवा विक्रेता खासकर डायरिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर देंगे। मेडिकल स्टोर पर आने वाले आम नागरिकों को डायरिया के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उससे बचाव, रोकथाम के उपायों के बारे में बताया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उचित उपचार के लिए तुरंत चिकित्सक के पास जाने की सलाह भी दी जाएगी।

यह महत्वपूर्ण निर्णय गुरुवार को स्थानीय एक होटल में केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष आशीष ब्रह्मभट्ट और महामंत्री राजीव शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित एक अभिमुखीकरण कार्यशाला के दौरान लिया गया।

पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (PSI India) और केनव्यू (Kenvue) के सहयोग से जनपद आगरा में संचालित ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के तहत इस कार्यशाला की अध्यक्षता महामंत्री राजीव शर्मा द्वारा की गई।

बाल मृत्यु दर को शून्य पर लाने का लक्ष्य

कार्यशाला के दौरान पीएसआई इंडिया के प्रतिनिधि पंकज कुमार ने ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 13 और बिहार के तीन जनपदों में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की डायरिया के कारण होने वाली मृत्यु दर को पूरी तरह से शून्य करना और दस्त प्रबंधन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि बच्चों में डायरिया के नियंत्रण और उसकी रोकथाम में केमिस्ट बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

​इस पर केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष आशीष ब्रह्मभट्ट ने कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आज भी हमारे समाज और समुदाय में डायरिया को लेकर कई तरह की भ्रांतियां व्याप्त हैं, जिन्हें दूर करना बेहद आवश्यक है और इस कार्य में दवा व्यापारी अपनी पूरी ताकत लगा देंगे।

ओआरएस और जिंक है सबसे सही उपचार

महामंत्री राजीव शर्मा ने पीएसआई इंडिया द्वारा आयोजित इस कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि डायरिया से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए हर घर में ओआरएस (ORS) और जिंक अवश्य होना चाहिए, क्योंकि यही इसका सबसे सही और अचूक उपचार है। उन्होंने अपील की कि जरूरत पड़ने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर डॉक्टर की उचित सलाह अवश्य लें।

​कार्यशाला के दौरान उपस्थित सभी दवा व्यापारियों को ‘डायरिया से डर नहीं’ से जुड़े केमिस्ट लिफाफे और जागरूकता पोस्टर वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष ब्रह्मभट्ट ने सभी आगंतुकों और मेहमानों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष सतीश पाठक, संस्थापक श्याम तिवारी, एसोसिएशन के पदाधिकारी रमेश चंद माहेश्वरी के साथ-साथ पीएसआई इंडिया से आरती सहित तमाम केमिस्ट सदस्य उपस्थित रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh