आगरा के बर्खास्त फायरमैन की यूपी-112 पर दुस्साहसिक धमकी: कहा- “जांच आख्या न मिली तो गोरखनाथ मठ में लगा दूंगा आग”

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आगरा। विभागीय जांच आख्या न मिलने से बौखलाए आगरा के बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर ने आपातकालीन सेवा यूपी-112 पर कॉल कर खाकी महकमे में हड़कंप मचा दिया। कॉलर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर स्थित ऐतिहासिक गोरखनाथ मठ में आग लगाने की खुली धमकी दी। यही नहीं, आरोपी ने कॉल के दौरान खुद को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य होने का भी दावा किया। इस दुस्साहसिक कॉल के बाद आगरा और गोरखपुर पुलिस प्रशासन को तत्काल हाई अलर्ट पर रख दिया गया है।

यूपी-112 कंट्रोल रूम में आई कॉल से मचा हड़कंप

​मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूपी-112 के राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम में आई एक कॉल के दौरान कॉलर ने अपनी पहचान आगरा के बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर के रूप में दी। उसने आरोप लगाया कि निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी उसे जांच आख्या मुहैया नहीं कराई गई है।

कॉल पर उसने कहा, “मुझे जांच आख्या प्राप्त नहीं हुई तो मैं क्या करूं? अगर मुझे जांच आख्या नहीं मिली तो मैं योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर स्थित मठ में जाकर आग लगा दूंगा, परिणाम चाहे जो भी हो।”

​इस दौरान यूपी-112 पर तैनात महिला पुलिसकर्मी ने उसे धैर्य रखने और कोई गलत कदम न उठाने की सलाह दी। इस पर जवाब देते हुए आरोपी ने कथित तौर पर कहा, “मैं क्या करूं? रिफाइनरी के प्रवीण तिवारी मुझे गलत कदम उठाने पर मजबूर कर रहे हैं। मुझे कानून तोड़ने के लिए विवश न किया जाए। आप मेरी बात को बाकायदा रिकॉर्ड करिए।”

सुप्रीम कोर्ट का डायरी नंबर और लगाए नारे

​कॉल के दौरान कॉलर ने यह भी दावा किया कि वह सुप्रीम कोर्ट में एक मामले में याचिकाकर्ता भी है और उसका डायरी नंबर 34554/2000 है। कॉल समाप्त करने से पहले उसने “जय हिंद, जय भारत, जय समाजवाद, भारत माता की जय” के नारे भी लगाए। कॉल डिस्कनेक्ट होते ही महिला कर्मचारी ने तत्काल इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी, जिसके बाद सर्विलांस और साइबर सेल की टीमें कॉलर की लोकेशन और कॉल रिकॉर्डिंग की गहन जांच में जुट गई हैं।

अनुशासनहीनता के चलते पहले ही हो चुका है बर्खास्त

​मामले की जांच में सामने आया है कि आरोपी जितेंद्र राठौर मूल रूप से फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद क्षेत्र का रहने वाला है। वह उत्तर प्रदेश फायर सर्विस में फायरमैन (सिपाही) के पद पर तैनात था। हालांकि, लगातार अनुशासनहीनता बरतने, सोशल मीडिया पर विभागीय अधिकारियों के खिलाफ विवादित टिप्पणियां करने, सरकारी वर्दी पहनकर अलग-अलग शहरों में बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन करने तथा विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का तय 15 दिनों में जवाब न देने के कारण उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

Dr. Bhanu Pratap Singh