अखिलेश यादव का तीखा हमला: कहा— आचार संहिता के खिलाफ जाकर अधिकारियों और स्कूल प्रबंधकों पर दबाव बना रही है भाजपा

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हो रहे शिक्षक और स्नातक विधान परिषद (MLC) चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुँच गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि सत्ताधारी दल आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते हुए अधिकारियों और विभिन्न स्कूल-कॉलेज प्रबंधकों पर अनुचित दबाव बना रहा है और अवैध तरीकों से चुनाव जीतने की साजिश रच रहा है।

​”चुनावी घपला करने वाले अधिकारी जाएंगे जेल” – अखिलेश यादव

​अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए निर्वाचन आयोग (ECI) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को टैग करते हुए चेतावनी भरे लहजे में लिखा ​”भाजपा आचार संहिता के ख़िलाफ़ जाकर अधिकारियों और स्कूल-कॉलेज प्रबंधकों पर दबाव डालकर ग़ैरक़ानूनी रूप से शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनावों को जीतने की साज़िश कर रही है। सबके वीडियो बनाए जाएंगे और FIR भी कराई जाएगी। इस लोकतांत्रिक अपराध में संलिप्त हर किसी के विरुद्ध मुक़दमा दर्ज़ करवाकर सज़ा दिलवाई जाएगी।”

सपा प्रमुख ने प्रशासनिक अधिकारियों को आगाह करते हुए आगे कहा कि जब कानूनी कार्रवाई होगी और सजा का वक्त आएगा, तब कोई भी भाजपा नेता उन्हें बचाने आगे नहीं आएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “भाजपाई विधान परिषद में होंगे और चुनावी घपला करने वाले अधिकारी जेल में होंगे। भाजपा किसी की सगी नहीं है। न कोई बचेगा, न किसी को छोड़ा जाएगा।” अपनी इस पोस्ट का अंत उन्होंने ‘जय संविधान-जय हिंदुस्तान!’ के नारे के साथ किया।

​एमएलसी चुनावों को लेकर बढ़ा सियासी टकराव

​अखिलेश यादव के इस आक्रामक बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। एक तरफ जहाँ विपक्षी दल सत्ता पक्ष पर प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग और चुनावों को प्रभावित करने के खुले आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद प्रशासनिक अमले और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। इस हाई-वोल्टेज चुनावी माहौल में देखना यह होगा कि निर्वाचन आयोग इन शिकायतों पर क्या संज्ञान लेता है।




Dr. Bhanu Pratap Singh