पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रविवार को राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि लोकतंत्र किसी “व्यक्ति विशेष” के शासन से नहीं बल्कि कानून के शासन से चलता है.
धनखड़ ने कहा, “लोकतंत्र किसी व्यक्ति के शासन से नहीं बल्कि कानून के शासन से चलता है. मुझे उम्मीद है कि वे (ममता बनर्जी) इस पर ध्यान देंगी. वह संविधान के तहत राज्यपाल के साथ बैठकर वार्ता करने के लिए बाध्य हैं.” महात्मा गाँधी की 74वीं पुण्यतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने यह बयान दिया.
राज्यपाल के मुताबिक बंगाल में हिंसा से लोकतंत्र को बचाने की ज़रूरत है. उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कभी भी राज्य के बारे में उन्हें सूचना देने का अपना कर्त्तव्य नहीं निभाया.
उन्होंने कहा, “मैंने सीएम ममता बनर्जी से निवेदन किया है कि लोकतंत्र बातचीत पर ज़िदा रहता है. हमें लोकतंत्र को हिंसा से बचाने की ज़रूरत है. मुख्यमंत्री का संवैधानिक कर्त्तव्य है कि वह राज्य से जुड़ी सूचनाएं राज्यपाल के साथ साझा करें लेकिन जब से मैं गवर्नर बना, ऐसा कुछ भी नहीं किया गया.”
राज्यपाल धनखड़ ने गुरुवार को बंगाल सीएम से 26 जुलाई को जारी की गई पेगासस से जुड़ी सूचना, महामारी से जुड़े खर्च, बंगाल ग्लोबल बिज़नेस समिट, बंगाल एरोट्रोपॉलिस प्रोजेक्ट, गोरखालैंड टैरिटोरियल एडिमिन्सट्रेशन (GTA), एमएए कैंटीन और राज्य वित्त आयोग से जुड़ी जानकारियां तलब की थीं.
-एजेंसियां
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