अयोध्या: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामनगरी अयोध्या केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि एक बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में भी उभरी है। IIM लखनऊ की ताजा स्टडी रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि अयोध्या की अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक उछाल आया है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिदिन औसतन 2 लाख श्रद्धालुओं के आगमन ने शहर के पर्यटन, निवेश और रोजगार की दिशा बदल दी है।
25 हजार करोड़ के राजस्व का अनुमान:
आईआईएम की स्टडी के मुताबिक, अयोध्या में पर्यटन आधारित गतिविधियों से सरकारी कर राजस्व 20 से 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। मंदिर निर्माण से पहले अयोध्या की पहचान एक तीर्थ स्थान तक सीमित थी, लेकिन अब यह व्यापार और निवेश का बड़ा हब बन गई है। प्राण प्रतिष्ठा के दौरान देशभर में हुए 1 लाख करोड़ के कारोबार में अयोध्या की हिस्सेदारी सबसे महत्वपूर्ण रही।
रोजगार और व्यापार में जबरदस्त उछाल:
अगले 4 से 5 वर्षों में अयोध्या में पर्यटन, परिवहन और आतिथ्य (हॉस्पिटलिटी) क्षेत्रों में लगभग 1.2 लाख नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है। स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहाँ के छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यापारियों की दैनिक आय बढ़कर 2,500 रुपये तक पहुँच गई है।
होटल इंडस्ट्री और MSME सेक्टर की चांदी:
अयोध्या में अब तक 150 से अधिक नए होटल और होम-स्टे खुल चुके हैं, और बड़ी वैश्विक होटल चेन यहाँ निवेश के लिए कतार में हैं। साथ ही, लगभग 6 हजार नए MSME स्थापित हुए हैं। ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स पर अयोध्या के लिए बुकिंग में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जो यहाँ की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है।
- यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: देर रात 34 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों के बदले गए जिलाधिकारी - September 22, 2026
- श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम: आगरा के रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर में आयोजित हुआ भव्य पौष पत्री भंडारा, उमड़े श्रद्धालु - September 22, 2026
- आगरा रामलीला मैदान का निरीक्षण: टूटा मंच, फैली गंदगी और नहीं हटीं झोपड़ियां; महापौर हेमलता दिवाकर ने दिए तीन-चार दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश - September 21, 2026