लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर प्रेसवार्ता की और इसे सुधार, विकास और वित्तीय अनुशासन पर आधारित बजट बताया। उन्होंने बजट को विजनरी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया।
सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नीतियां केवल कागजों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि जमीन पर उतरीं। उनका दावा है कि इस अवधि में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं और भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति और साफ नीयत से ही ऐसे परिणाम संभव होते हैं।
मुख्यमंत्री ने बजट को गरीब और वंचित वर्ग केंद्रित बताते हुए कहा कि इसमें समावेशी विकास की सोच दिखती है। उनके अनुसार बजट में रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन का संतुलित मेल है।
यूपी को रेल और लॉजिस्टिक्स में बढ़त
सीएम योगी ने कहा कि बजट में उत्तर प्रदेश को दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी रेल कॉरिडोर की सौगात मिली है, जिससे प्रदेश का रेल नेटवर्क मजबूत होगा। साथ ही ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यूपी से गुजरने के कारण प्रदेश देश के बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है।
एमएसएमई और ओडीओपी पर जोर
उन्होंने बताया कि एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यूपी में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां हैं, जिन्हें इससे सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के तहत डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे निर्यात को भी गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक यह बजट उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और निर्यात संभावनाओं को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि इससे राज्य के विकास को नई दिशा मिलेगी।
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