आवारा कुत्तों का आतंक: अनिल वर्मा एडवोकेट ने कहा-जयपुर हाउस में भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो कार्रवाई

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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat.
आगरा। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि दिल्ली की सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखा जाए, ताकि नागरिक सुरक्षित रह सकें। यह आदेश न केवल दिल्ली, बल्कि देशभर के आवासीय इलाकों में रहने वालों के लिए उम्मीद की किरण है, जहां आवारा कुत्तों का आतंक आम बात बन चुका है।

जयपुर हाउस में दहशत का माहौल
जयपुर हाउस आवासीय वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष और सुप्रसिद्ध आयकर अधिवक्ता अनिल वर्मा एडवोकेट ने बताया कि कॉलोनी में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर है कि कई लोग इनके काटने का शिकार हो चुके हैं। डिलीवरी कर्मियों, राहगीरों और यहां तक कि बच्चों को भी ये कुत्ते भौंककर डराते हैं और मौका मिलने पर काट भी लेते हैं।

रेबीज का खतरा — कोई इलाज नहीं
श्री वर्मा ने बताया कि विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि कुत्ते के काटने से रेबीज नामक घातक बीमारी हो सकती है, जिसका एक बार लक्षण आने पर कोई इलाज नहीं है। यही कारण है कि आवारा कुत्तों की समस्या को अनदेखा करना सीधा जीवन को खतरे में डालना है।

anil verma advocate

अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की अपील
श्री वर्मा ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल और स्मार्ट सिटी परियोजना के अध्यक्ष  सरदार बलजीत सिंह से आग्रह किया कि जयपुर हाउस कॉलोनी में भी इन आवारा कुत्तों को तत्काल पकड़कर शेल्टर हॉल में भेजा जाए, ताकि नागरिक चैन की सांस ले सकें।

संपादकीय
जयपुर हाउस कॉलोनी में आवारा कुत्तों की समस्या वर्षों से जमी हुई है, परंतु इसे हल करने के ठोस प्रयास बहुत कम हुए हैं। ऐसे में अनिल वर्मा एडवोकेट का यह साहसिक कदम सराहनीय है, जिन्होंने न केवल अपनी कॉलोनी की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्थानीय स्तर पर लागू कराने की पहल भी की। उनका यह प्रयास केवल जयपुर हाउस ही नहीं, बल्कि आगरा के अन्य इलाकों के लिए भी एक प्रेरणा है कि नागरिक संगठित होकर अपनी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं।

Dr. Bhanu Pratap Singh