लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में पार्टी को झटका लगा है. छिंदवाड़ा नगर निगम के सात पार्षदों ने कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ बीजेपी की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि ये पार्षद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के कामों से प्रभावित हैं.
छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का गढ़ माना जाता है. इस विधानसभा सीट से वो विधायक हैं. पार्षदों ने ऐसे समय पार्टी छोड़ी है जब राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय’ यात्रा राज्य से गुज़र रही है.
मध्य प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटें हैं जिनमें से 28 सीटों पर 2019 में बीजेपी को जीत मिली थी. कांग्रेस सिर्फ़ छिंदवाड़ा में जीत पाई थी. यहां से कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ सांसद हैं.
बीते दिनों कमलनाथ के बीजेपी में जाने की अफवाहें उड़ी थीं. तब इन अफवाहों को कमलनाथ ने ना ख़ारिज किया था और ना ही बीजेपी में जाने की ख़बरों को सही बताया था. बाद में कमलनाथ ने ऐसी ख़बरों के लिए मीडिया को ज़िम्मेदार बताया था.
-एजेंसी
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