पाकिस्तान में हाफिज सईद का बेटा तल्हा सईद लाहौर एनए 122 सीट से चुनाव हार गया है। उसे इमरान खान की पार्टी पीटीआई समर्थक निर्दलीय उम्मीदवार लतीफ खोसा ने 1 लाख से भी ज्यादा मतों से मात दी। तल्हा सईद को सिर्फ 2024 वोट मिले, जबकि जीत हासिल करने वाले लतीफ खोसा को 117109 वोट मिले।
नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन के उम्मीदवार साद रफीक 77907 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। इसे हाफिज सईद के आतंकी मंसूबों पर पानी फिर गया है। हाफिज की कोशिश अपने आतंकवादी बेटे को पाकिस्तान की राजनीति में सेट करने की थी। इसके लिए हाफिज के इशारे पर लश्कर ए तैयबा ने एक नई राजनीतिक पार्टी भी बनाई थी।
हाफिज ने बनाई थी नई राजनीतिक पार्टी
हाफिज सईद ने पाकिस्तान की राजनीति पर पकड़ बनाने के लिए पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) का गठन किया था। पार्टी ने संसदीय और राज्य विधानसभा की सभी सीटों पर अपने उम्मीदवारों को खड़ा किया, लेकिन ताजा समाचार मिलने तक उनमें से कोई भी जीत नहीं सका है। चुनाव में हाफिज सईद का बेटा तल्हा सईद निर्वाचन क्षेत्र NA-127 लाहौर से, PMML का सेंट्रल प्रेसीडेंट खालिद मसूद सिंधु NA-130 सीट से चुनाव लड़ा। हाफिज सईद की इस पार्टी का चुनाव चिन्ह कु्र्सी था।
जमात-उद-दावा के बाद बनाई थी यह पार्टी
हाफिज सईद ने 2018 के आम चुनाव से पहले ही इस राजनीतिक पार्टी को जमात-उद-दावा के उत्तराधिकारी के तौर पर खड़ा किया था। उस चुनाव में प्रतिबंधित जमात-उद-दावा के राजनीतिक चेहरे मिल्ली मुस्लिम लीग के रूप में भाग लिया था, लेकिन, वह किसी भी चुनावी क्षेत्र से आशाजनक परिणाम प्राप्त करने में विफल रही।
उसके सभी उम्मीदवारों के जमानत तक जब्त हो गए थे। जब पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय दवाब में जमात-उद-दावा और उसके राजनीतिक धड़े मिल्ली मुस्लिम लीग पर प्रतिबंध लगाया तो उसने अपना नाम बदलकर पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग कर लिया।
-एजेंसी
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