भारतीय नौसेना हिंद महासागर में इस समय समुद्री लुटेरों का काल बनी हुई है। बुधवार को सोमाली डाकुओं की ओर से हाईजैक किए गए एक मछली पकड़ने वाले जहाज का रेसक्यू किया गया। यह जहाज ईरान के झंडे वाला है, जिस पर 19 पाकिस्तानी चालक दल सवार थे। इंडियन नेवी की ओर से जहाज के बचाव का वीडियो शेयर किया गया है।
वीडियो में पाकिस्तानी-ईरानी क्रू ने आभार प्रकट किया है। इसके अलावा बताया कि कैसे भारतीय नोसेना को देखकर समुद्री डाकुओं ने अपने हथियार फेंक दिए। इन्होंने बताया कि भारतीय नेवी को देखकर सोमाली डाकू डर गए।
नेवी ने एक्स पर लिखा, ‘हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात भारतीय नौसेना के युद्धपोत सभी समुद्री खतरों के खिलाफ सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। हमारे समुद्र को सभी राष्ट्रीयताओं के नाविकों के लिए सुरक्षित बना रहे हैं।’
भारतीय युद्धपोत INS सुमित्रा ने सोमवार देर रात सोमालिया के पूर्वी तट पर अपहृत मछली पकड़ने वाले जहाज अल नईमी और उसके 19 सदस्यीय पाकिस्तानी चालक दल को बचाया। 36 घंटे के अंदर इस तरह की दूसरी डकैती विफल की गई है। भारतीय नौसेना ने सेशेल्स और श्रीलंका को तीसरे हाईजैक जहाज को रोकने में मदद की।
क्या बोले विदेश मंत्री जयशंकर
हाल के दिनों में समुद्री डाकुओं की ओर से अपहृत या ड्रोन हमलों का शिकार हुए जहाजों को भारतीय नेवी ने बचाया है। इसे लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, ‘अधिक क्षमता, हमारे अपने हित और प्रतिष्ठा आज इस बात की गारंटी देता है कि हम वास्तव में कठिन परिस्थितियों में क्षेत्र में मदद करते हैं।’ पिछले कुछ महीनों में यूरोप और एशिया के बीच समुद्री व्यापार को बाधित करने के लिए यमन और सोमाली समुद्री डाकुओं के हमले बढ़े हैं।
पहले भी बचाया था जहाज
यमन के हूती विद्रोही लाल सागर में इजरायल से जुड़े जहाजों पर हमला कर रहे हैं। भारत ने जहाजों की सुरक्षा के लिए अरब सागर और अदन की खाड़ी में कई युद्धपोत तैनात किए हैं। अदन की खाड़ी में इंडियन नेवी का गश्ती जहाज आईएनएस सुमित्रा तैनात है, जो समुद्री डाकुओं को नाकाम कर रहा है। पिछले सप्ताह ईरान के झंडे वाले अपहृत मछली पकड़ने वाले जहाज इमान को उसने रोक लिया था। इससे 17 ईरानी चालक दल को सुरक्षित रिहा किया गया था।
-एजेंसी
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