आशुतोष महाराज हमले में नया मोड़: फलाहारी बाबा का पलटवार— आशुतोष हिस्ट्रीशीटर है, 106 लोगों को फर्जी फंसा चुका है

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नई दिल्ली/प्रयागराज। रीवा एक्सप्रेस में आशुतोष महाराज पर हुए कथित जानलेवा हमले का मामला गहराता जा रहा है। इस साजिश में नाम घसीटे जाने पर दिनेश फलाहारी बाबा ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और आशुतोष महाराज के चरित्र पर ही गंभीर सवाल उठाए हैं। फलाहारी बाबा ने आशुतोष को ‘हिस्ट्रीशीटर’ बताते हुए उनके आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

“106 लोगों को फर्जी फंसा चुका है आशुतोष”

दिनेश फलाहारी बाबा ने अपना आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि आशुतोष महाराज आदतन अपराधी हैं और अब तक 106 लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने अपनी लोकेशन स्पष्ट करते हुए कहा, “मैं शनिवार को गोवर्धन (मथुरा) थाने में मौजूद था और आज दिल्ली में हूँ। मुझ पर हमले की साजिश रचने का आरोप पूरी तरह निराधार है।”

​शंकराचार्य ने भी बताया ‘मीडिया अटेंशन’ का जरिया

​ज्योतिष्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे ‘मीडिया अटेंशन’ पाने का तरीका बताया है। उन्होंने कहा कि आशुतोष केवल सुरक्षा पाने के लिए यह माहौल बना रहे हैं। शंकराचार्य ने ट्रेन के अटेंडेंट के हवाले से दावा किया कि आशुतोष टॉयलेट जाने तक बिल्कुल ठीक थे, बाहर निकलने के बाद अचानक लहूलुहान कैसे हो गए, यह बड़ा सवाल है।

​रेलवे की सुरक्षा और सरकार पर सवाल

​शंकराचार्य ने इस घटना के जरिए केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, “क्या भारत की रेल अब सुरक्षित नहीं है? यदि कोई टिकट लेकर सफर कर रहा है, तो जीआरपी कहाँ थी? इस बनावटी हमले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।”

क्या था मामला?

​बता दें कि रविवार सुबह रीवा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में यात्रा कर रहे आशुतोष महाराज पर अज्ञात हमलावर ने हमला किया था। आशुतोष का आरोप है कि हमलावर ने उनकी नाक काटने की कोशिश की और यह सब शंकराचार्य व उनके करीबियों के इशारे पर हुआ ताकि वे कोर्ट में साक्ष्य पेश न कर सकें। फिलहाल जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Dr. Bhanu Pratap Singh