
आगरा। ताजनगरी के जगदीशपुरा क्षेत्र में सोमवार रात शादी की खुशियां उस समय हड़कंप में बदल गईं, जब पुलिस ने मंडप में पहुंचकर फेरों की रस्में रुकवा दीं। ‘चाइल्ड लाइन 1098’ से मिली एक गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप किया और एक नाबालिग बच्ची को बाल विवाह की बेड़ियों में बंधने से बचा लिया। हाथरस के सादाबाद से गाजे-बाजे के साथ आई बारात को बिना दुल्हन के ही खाली हाथ लौटना पड़ा।
दावत खत्म, फेरों की थी तैयारी
जानकारी के अनुसार, हाथरस के सादाबाद से बारात धूमधाम के साथ जगदीशपुरा पहुंची थी। बाराती भोजन कर चुके थे और दूल्हा सेहरा बांधकर मंडप में बैठ चुका था। पंडित जी विवाह की रस्में शुरू करने ही वाले थे कि अचानक पुलिस की दबिश से समारोह में सन्नाटा पसर गया। पुलिस ने पहुंचते ही सबसे पहले दुल्हन के आयु संबंधी दस्तावेजों की मांग की।
दस्तावेजों ने खोली पोल, दुल्हन निकली नाबालिग
परिजनों द्वारा दिखाए गए आयु प्रमाण पत्रों की जब मौके पर जांच की गई, तो पाया गया कि लड़की की उम्र विवाह की वैधानिक आयु (18 वर्ष) से कम थी। उम्र की पुष्टि होते ही पुलिस ने सख्त रुख अपनाया और विवाह की रस्में तुरंत रुकवा दीं। शुरुआत में परिजनों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन कानून का हवाला मिलने पर वे शांत हो गए।
दुल्हन संरक्षण में, आयोजकों पर कसेगा शिकंजा
पुलिस ने नाबालिग बच्ची को रेस्क्यू कर तत्काल ‘आशा ज्योति केंद्र’ भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाल विवाह एक गंभीर अपराध है। इस मामले में लड़की के परिजनों, दूल्हे पक्ष और विवाह के आयोजकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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