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Agra, Uttar Pradesh, Bharat, India. एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में 76 वर्षीय मरीज पैरों में दर्द, सुन्नपन एवं पर ठंडा रहने की समस्या लेकर आया। मरीज को यह दर्द पिछले तीन-चार साल से चलने पर हो रहा था। इसके साथ ही पिछले तीन-चार महीने से दाएं पैर में बैठे हुए एवं सोते हुए भी तेज दर्द हो रहा था। इसकी वजह से न चल पाता था और न ही सो पाता था। ओपीडी में आने पर मरीज का अल्ट्रासाउंड एवं सी. टी. एंजियोग्राफी करवाई गई। पाया गया कि सीधे पैर की खून की नस पेट से जांघ तक पूरी तरह बंद है। इस कारण खून का बहाव पैरों को नहीं मिल रहा था। शुरुआत में मरीज को खून पतला करने की दवाइयां पर रखा गया पर उससे मरीज को दर्द में राहत नहीं मिल रही थी।
सी. टी. वी.एस. सर्जन डॉ. सुशील सिंघल ने पैर की नस की बाईपास सर्जरी की। इसमें बाएं पैर की खून की नस का संचार दाएं पैर में बाईपास सर्जरी द्वारा किया गया। बाईपास सर्जरी के लिए जिस नस का प्रयोग किया गया था, वह मरीज के बाएं पैर की खून की नस थी। यह जटिल ऑपरेशन करीब तीन घंटा चला।
सर्जरी के बाद मरीज के दाएं पैर का दर्द ठीक हो ठीक हो गया है। सर्जरी के चौथे दिन बाद मरीज बिना दर्द के चला एवं दौड़ भी। वह बिना दर्द के सो पा रहा है। अब वह स्वस्थ है और छुट्टी कर दी गई है।
सी.टी.वी.एस सर्जन डॉक्टर सुशील सिंघल ने बताया कि यह जटिल ऑपरेशन एस. एन. मेडिकल कॉलेज में पहली बार हुआ है। सर्जरी टीम में डॉक्टर डॉ. श्रेया श्रीवास्तव एवं डॉक्टर रेनू का सहयोग रहा।
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि एस. एन. मेडिकल कॉलेज आगरा में जटिलतम ऑपरेशन सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर द्वारा किया जा रहा है, जिससे आगरा एवं आसपास के मरीजों को बहुत लाभ हो रहा है। यह जानकारी एस. एन. मेडिकल कॉलेज आगरा की मीडिया प्रभारी डॉ. प्रीति भारद्वाज दी।
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