Mathura (Uttar Pradesh, India)। मथुरा। संत प्रवर कार्ष्णि स्वामी गुरुशरणानंद महाराज ने पंडित जसराज के प्रति भाव-सुमन व्यक्त करते हुए कहा कि वह शास्त्रीय संगीत के पुरोधा संगीतकार से अधिक कृष्ण भक्त थे।
उन्होंने कहा कि बाल कृष्ण की लीला स्थली रमण रेती के प्रति हार्दिक श्रद्धा- भक्ति रखते थे। वह अनेक वर्षों में रमणरेती आते रहे हैं किंतु किसी समारोह या विशिष्ट अवसर पर नहीं अपितु ठाकुर रमण बिहारी के चरणों में गायन का भक्ति-प्रसाद प्राप्त करने आते थे।
कुटिया में श्रद्धा-भक्ति पूर्वक कृष्ण भक्ति संबंधी अष्टछाप कवियों के पद गायन करते थे
महाराजश्री अनन्य भक्त व आश्रम की पत्रिका ‘कार्ष्णि कलाप’ के संपादक पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया ने बताया कि आकस्मिक रूप से पंडित जसराज का महाराजश्री के पास फोन आता था कि मन अशांत है, कल रमणरेती पहुंच रहा हूं। पंडित जसराज जी रमण रेती आकर ठाकुर जी के समक्ष तथा महाराज जी की कुटिया में श्रद्धा-भक्ति पूर्वक कृष्ण भक्ति संबंधी अष्टछाप कवियों के पद गायन करते थे और कहते थे कि यहां आकर मुझे आत्मिक शांति प्राप्त होती है और महाराज जी के आशीर्वाद से परम प्रसन्नता की अनुभूति होती है।
- लखनऊ में ‘उत्तर प्रदेश घुमन्तू विकास बोर्ड’ के गठन पर आभार कार्यक्रम: सीएम योगी बोले- अब विमुक्त जातियों को कोई क्रिमिनल ट्राइब नहीं कह सकता - August 6, 2026
- प्रयागराज में राहुल गांधी के कार्यक्रम को अनुमति न मिलने पर प्रियंका गांधी का प्रशासन पर कड़ा हमला: पूछा— छात्रों के कार्यक्रम से आखिर किस बात से डर - August 6, 2026
- 650वीं जयंती वर्ष पर आगरा में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को समर्पित 21 कुंडीय समरसता महायज्ञ का होगा भव्य आयोजन, 8 अगस्त को कैलाश महादेव मंदिर यमुना तट पर जुटेंगे सैकड़ों श्रद्धालु - August 6, 2026