भारत-मलेशिया की दोस्ती से थर्राएगा आतंकवाद! पीएम मोदी की दो टूक— आतंक पर कोई समझौता और दोहरा मापदंड नहीं

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कुआलालंपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2026 की अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत मलेशिया पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊँचाई देने वाले कई महत्वपूर्ण ऐलान किए।

आतंकवाद पर कड़ा रुख और सुरक्षा सहयोग

पीएम मोदी ने वैश्विक मंच से आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत और मलेशिया सुरक्षा, काउंटर टेररिज्म और इंटेलिजेंस शेयरिंग में सहयोग बढ़ाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ कोई समझौता या ‘डबल स्टैंडर्ड’ स्वीकार्य नहीं होगा।

30 लाख भारतीय प्रवासियों के लिए बड़ी घोषणाएं

मलेशिया में रह रहे करीब 30 लाख भारतीय प्रवासियों को पीएम मोदी ने “लिविंग ब्रिज” (जीवंत सेतु) करार दिया। उन्होंने प्रवासियों की सुविधा के लिए सोशल सिक्योरिटी एग्रीमेंट, मुफ्त ई-वीजा और यूपीआई (UPI) डिजिटल पेमेंट जैसे कदमों का जिक्र किया। साथ ही, संबंधों को और मजबूती देने के लिए मलेशिया में एक नया भारतीय वाणिज्य दूतावास (Consulate) खोलने की भी घोषणा की गई।

भविष्य की तकनीक और व्यापार

दोनों देशों के बीच ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, एआई और डिजिटल इकोनॉमी में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी। पीएम मोदी ने बताया कि सीईओ फोरम के माध्यम से निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं। साथ ही, आसियान-भारत व्यापार समझौते (AITIGA) की समीक्षा जल्द पूरी करने पर भी जोर दिया गया।

सांस्कृतिक जुड़ाव और तमिल भाषा

प्रधानमंत्री ने मलेशिया में तमिल समुदाय के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा और मीडिया में तमिल भाषा का जीवंत प्रभाव है। ऑडियो-विजुअल एग्रीमेंट के तहत तमिल फिल्मों और संगीत के जरिए दोनों देशों के लोगों को और करीब लाया जाएगा।

Dr. Bhanu Pratap Singh