बॉलीवुड फिल्म ‘उरी’ में गृहमंत्री राजनाथ सिंह का किरदार निभाने वाले एक्टर नवतेज हुंदल (Navtej Hundal) का पिछले साल निधन हो गया। नवतेज हुंदल Hepatitis B से पीड़ित थे और पिछले काफी दिनों से अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। बता दें कि Hepatitis B एचआईवी से भी खतरनाक रूप ले सकता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार दुनिया का हर 12वां आदमी इस हेपेटाइटिस बी का शिकार है। यह सबसे तेजी से फैलने वाली बीमारियों में से एक है।
हेपेटाइटिस बैक्टीरिया से फैलने वाला इंफेक्शन है, जो सीधे तौर पर लिवर को प्रभावित करता है। आमतौर पर यह पांच टाइप का होता है, जिन्हें ए, बी, सी, डी और ई कहा जाता है। फिलहाल दुनिया में सबसे ज्यादा लोग हेपेटाइटिस- बी और हेपेटाइटिस- सी के शिकार हैं।
HIV से भी खतरनाक है Hepatitis B
हेपेटाइटिस बी एचआईवी के मुकाबले 50 से 100 गुना अधिक खतरनाक होता है क्योंकि Hepatitis B का बैक्टीरिया बॉडी के बाहर भी कम से कम सात दिन तक जिंदा रहकर किसी हेल्दी इंसान को प्रभावित कर सकता है। हां, यदि वक्त रहते इसके लक्षणों की पहचान कर ली जाए तो जान बचाई जा सकती है। हेपेटाइटिस के जितने भी वायरस मौजूद हैं, उनमें सबसे खतरनाक वायरस ‘बी’ माना जाता है।
ऐसे फैलता है हेपेटाइटिस बी का वायरस
यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में या तो संक्रमित सुई या फिर असुरक्षित यौन संबंधों की वजह से फैल सकता है। यह वायरस ऐसा है कि इसे पूरी तरह से शरीर से खत्म नहीं किया जा सकता पर दवाइयों के जरिए इसे कंट्रोल जरूर किया जा सकता है। हेपेटाइटिस बी बड़ी ही शांति के साथ अटैक करता है और व्यक्ति को इसके बारे में पता भी नहीं चलता। यही वजह है कि अनजाने में ही यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के शरीर में पहुंच जाता है।
हेपेटाइटिस बी के लक्षण
लक्षणों की बात करें, तो हेपेटाइटिस बी में:
1- जोड़ों में दर्द, पेट में दर्द, उल्टी और कमजोरी का अहसास होता है।
2- हमेशा थकान सी लगती है। स्किन का रंग पीला हो जाता है और आंखों का सफेद हिस्सा भी पीला पड़ जाता है।
3- बुखार आ जाता है और यूरिन का रंग भी गाढ़ा हो जाता है।
4- भूख का लगना कम हो जाता है।
अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो 24 घंटे के अंदर डॉक्टर से संपर्क करें। त्वरित तौर पर दी गई ट्रीटमेंट हेपेटाइटिस बी से बचाव कर सकती है।
हेपेटाइटिस बी से बचाव
1- सुरक्षित यौन संबंध बनाएं। एक से ज्यादा पार्टनर के साथ सेक्स करने से बचें।
2- किसी और के साथ सुई, रेजर, टूथब्रश वगैरह शेयर न करें, जिनमें इंफेक्शन वाला ब्लड हो सकता है।
3- अगर आपको खतरा महसूस हो रहा है तो हेपेटाइटिस बी सीरीज का इंजेक्शन लगवाएं। लेकिन हेपेटाइटिस सी के लिए कोई टीका नहीं है।
कोई भी टीका लगवाते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि उसमें नई सुई का इस्तेमाल हो।
4- हेपेटाइटिस- बी और सी दूषित खाना, पानी या इंफेक्टेड मरीज के गले लगने, चूमने और साथ खाने-पीने से नहीं फैलता।
5- हेपेटाइटिस- डी बैक्टीरिया हेपेटाइटिस- बी के बैक्टीरिया की गैरमौजूदगी में इंफेक्शन नहीं फैला सकता इसलिए इससे बचने के लिए हेपेटाइटिस बी के लिए सुझाए गए तरीके अपनाएं।
-एजेंसियां
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