ChatGPT और Gemini AI को टक्कर देने के लिए देसी हनुमान चैटबॉट लॉन्च होने वाला है. ये चैटबॉट 11 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करेगा. साथ ही इसके बाद देश में कई दूसरे एआई मॉडल भी लॉन्चिंग फेज में हैं, जिनके आने से चैटजीपीटी और जेमिनी एआई पर भारतीय यूजर्स की निर्भरता खत्म होगी.
दरअसल इस चैटबॉट को रिलायंस डेवलप कर रही है, जिसे हनुमान के नाम से लॉन्च किया जा सकता है. चैटजीपीटी और गूगल जेमिनी एआई प्रीमियम सर्विस के लिए पैसे लेती हैं, ऐसे में उम्मीद की जा रही है की रिलायंस हनुमान चैटबॉट की सर्विस फ्री में दे सकती है.
हनुमान चैटबॉट को रिलायंस ने 8 बड़े इंजीनियरिंग स्कूल के साथ मिलकर डेवलप किया है. साथ ही रिलायंस लार्ज लैंग्वेज आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट BharatGPT को भी डेवलप करने में काम कर रहा है. इसके बारे में रिलायंस की ओर से कुछ महीने पहले मुंबई में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में बताया गया था.
11 भाषाओं में काम करेगा ‘हनुमान चैटबॉट’
रिलायंस का पहला एआई मॉडल 11 भाषाओं देसी भाषाओं को सपोर्ट करेगा. जिसके जरिए गवर्नेंस, मॉडल हेल्थ, एजूकेशन और फाइनेंस सेक्टर को काफी मदद मिलेगी. साथ ही रिलायंस के इस आर्टिफिशियल चैटबॉट की सफलता से लॉन्चिंग होती है, तो कंपनी के लिए ये एक मील का पत्थर होगा और कंपनी के लिए BharatGPT को डेवलप करने की राह आसान होगी.
कैसे काम करेगा ‘हनुमान चैटबॉट’
हनुमान चैटबॉट LLM मेथड पर काम करेगा, जिसे स्पीच टू टेक्स्ट यूजर फ्रेंडली सर्विस कहा जाता है. ये AI मॉडल बड़े स्तर पर डेटा से सीखकर नेचुरल साउंड रेस्पॉस जनरेट करता है. Open AI और Google Gemini AI को टक्कर देने के लिए रिलायंस की ओर से ये एक अच्छी शुरुआत है.
भारत में दूसरे AI मॉडल डेवलपिंग फेज में
हनुमान चैटबॉट और BharatGPT के अलावा देश में कई दूसरे AI मॉडल भी डेवलपिंग फेज में हैं. जिसमें Sarvam और Krutrim जैसी कंपनियां भी AI मॉडल डेवलप कर रही हैं. अगर ये सभी AI मॉडल समय पर लॉन्च हो जाते हैं, तो भारतीय यूजर्स की Open AI और Gemini AI पर निर्भरता खत्म होगी.
– एजेंसी
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