पतित पावनी यमुना, जीवन दायिनी यमुना, कलकल करती यमुना और अब दिन-प्रतिदिन कलुषित होती यमुना। कालिंदी और कृष्ण ही हैं
Latest posts by Dr. Bhanu Pratap Singh (see all)
- आगरा के एस.एन. मेडिकल कॉलेज को मिले 202 नए ‘नर्सिंग ऑफिसर’: कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और विधायकों ने बांटे नियुक्ति पत्र, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई ताकत - March 23, 2026
- आगरा में खनन माफियाओं पर डीएम का ‘हंटर’: अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 6 वाहन जब्त - March 23, 2026
- Agra News: शहीद दिवस पर ‘माय भारत’ की अनूठी पहल: श्रमदान और स्वच्छता से दी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि; डॉ. सहगल बोले- स्वच्छता भी है देशभक्ति का रूप - March 23, 2026