पुस्तक समीक्षा: “बोल म्हारी माटी”- माटी री बोली में घुली कविता री आत्मा

हरियाणा रा नाम आवै तो मन मैं दूध-दही, खेत-खलियाण, पहलवान, चौपाल, बागड़ी-जेबड़ी बोली अर सादगी भर्यी जिन्दगी सै। पर इस हरियाणा री धरती तले जड़ी माटी में एक आंधरी बात सै – संवेदना। डॉ. सत्यवान सौरभ की किताब “बोल म्हारी माटी” इस संवेदना नै कविता में ढाल के हमारे ताई ल्याई सै। ई बही केवल […]

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ई-वोटिंग: लोकतंत्र की मजबूती या तकनीकी जटिलता?

डॉ सत्यवान सौरभ ई-वोटिंग मतदान प्रक्रिया को सरल, सुलभ और व्यापक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हो सकता है। बिहार के प्रयोग से स्पष्ट है कि मोबाइल ऐप के माध्यम से मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी संभव है। हालांकि, तकनीकी पहुंच, साइबर सुरक्षा, मतदाता की पहचान और गोपनीयता जैसी चुनौतियाँ इस प्रणाली के समक्ष […]

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क्या आप अपने गोत्र की असली शक्ति को जानते हैं, पढ़िए पंडित प्रमोद गिरी का आंखें खोल देने वाला विवेचन

क्या आप अपने गोत्र की असली शक्ति को जानते हैं, यह कोई परंपरा नहीं है। कोई अंधविश्वास नहीं है। यह आपका प्राचीन कोड है। यह पूरा लेख पढ़िए — मानो आपका अतीत इसी पर टिका हो। 1. गोत्र आपका उपनाम नहीं है। यह आपकी आध्यात्मिक डीएनए है। पता है सबसे अजीब क्या है? अधिकतर लोग […]

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चमार और जाटव: पहचान, सम्मान और जाति प्रमाण पत्र में बदलाव की जरूरत, जिस शब्द से जेल उसी के नाम पर सर्टिफिकेट क्यों?

उपेंद्र सिंह जाटव अध्यक्ष, भारतीय जाटव समाज भारत में दलित समुदायों में से एक प्रमुख समुदाय, चमार, का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है। यह समुदाय परंपरागत रूप से चमड़े के काम से संबंधित रहा है, जिसके कारण इसे सामाजिक भेदभाव और छुआछूत का सामना करना पड़ा। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, […]

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ज़ीरो डोज़ बच्चे: टीकाकरण में छूटे हुए भारत की तस्वीर

डॉ. सत्यवान सौरभ, स्वतंत्र लेखक व स्तंभकार भारत में 2023 में 1.44 मिलियन बच्चे ‘ज़ीरो डोज़’ श्रेणी में थे, जिनमें अधिकांश गरीब, अशिक्षित, जनजातीय, मुस्लिम और प्रवासी समुदायों से आते हैं। भूगोलिक अवरोध, सामाजिक हिचकिचाहट, शहरी झुग्गियों में अव्यवस्थित शासन और निगरानी की कमी प्रमुख चुनौतियाँ हैं। मिशन इंद्रधनुष जैसी योजनाएँ सीमित प्रभावी रही हैं। […]

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भारतीय किशोर लेखक और वैज्ञानिक ने एलन मस्क पर लिखी प्रेरक जीवनी

मुंबई (अनिल बेदाग) 18 वर्षीय विवान कारुलकर, जो ‘नये भारत’ के एक प्रतिभाशाली और सफल किशोर लेखक व वैज्ञानिक हैं, ने अपनी तीसरी पुस्तक “इलोन मस्क: द मैन हू बेंड्स रियलिटी” लिखी है। यह पुस्तक विश्वविख्यात उद्यमी और टेक्नोलॉजी आइकन एलन मस्क के जीवन पर आधारित एक प्रेरणादायक जीवनी है। विवान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय […]

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साहित्य का मंच या शिकार की मंडी? : नई लेखिका आई है — और मंडी के गिद्ध जाग उठे हैं

नई लेखिकाओं के उभार के साथ-साथ जिस तरह साहित्यिक मंडियों में उनकी रचनात्मकता की बजाय उनकी देह, उम्र और मुस्कान का सौदा होता है — यह एक गहरी और शर्मनाक सच्चाई है। मंच, आलोचना, भूमिका, सम्मान – सब कुछ एक जाल बन जाता है। यह संपादकीय स्त्री लेखन के नाम पर चल रही पाखंडी व्यवस्था […]

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मिलावट: शरीर ही नहीं, आत्मा को भी कर रहा है बीमार

मिलावट अब केवल खाने-पीने तक सीमित नहीं रही, यह हमारे सोच, संबंध, और व्यवस्था तक में घुल चुकी है। मूँगफली में पत्थर हो या दूध में डिटर्जेंट, यह मुनाफाखोरी की संस्कृति का विस्तार है। उपभोक्ता की चुप्पी, सरकार की ढील और समाज की “चलता है” मानसिकता ने इसे स्वीकार्य बना दिया है। मिलावट एक नैतिक […]

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भारतीय पारिवारिक मूल्यों के पतन का आईना है ये हृदय स्पर्शी दास्तान

“पिता का पस्त मन और पुत्रों की पश्चिमी व्यस्तता” “एक पिता की विदाई, और समाज की परीक्षा” प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार, कवयित्री और व्यंग्यकार लखनऊ के एक रिटायर्ड कर्नल ने अपने बेटों को एक मार्मिक पत्र लिखकर आत्महत्या कर ली। दोनों बेटे अमेरिका में बसे थे और मां की मृत्यु पर भी पूरी संवेदनशीलता नहीं […]

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दिल्ली में साँसों पर संकट, पर हरियाली ने जगाई उम्मीद…!

इंटीरियर डेकोरेशन में वास्तविक हरियाली बनी पहली पसंद… दिल्ली की ओर रुख करते हुए मन में एक ही प्रश्न बार-बार कौंधता रहा—क्या इस बार भी वही धूल-धुआँ और दमघोंटू हवा स्वागत करेगी? बीते कुछ वर्षों से दिल्ली की हवा जहरीली होती जा रही है, और आंकड़े इसकी भयावहता की पुष्टि भी करते हैं। अक्टूबर से […]

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