शिक्षक दिवस विशेष: किताबों से स्क्रीन तक… बदलते समय में गुरु का असली अर्थ
प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार, कवयित्री और व्यंग्यकार डिजिटल युग में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। किताब से लेकर स्क्रीन तक की यह यात्रा ज्ञान तो दे रही है, लेकिन संस्कार और मानवीय मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं। ऐसे समय में शिक्षक का महत्व और भी बढ़ जाता है। शिक्षक ही वह […]
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