एससीओ 2025 और भारत की तीन-स्तंभ रणनीति : सुरक्षा, संपर्क और अवसर

भारत की भूमिका और तियानजिन घोषणा की उपलब्धियों का मूल्यांकन प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार, कवयित्री और व्यंग्यकार तियानजिन में आयोजित 25वें एससीओ शिखर सम्मेलन 2025 ने भारत की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की तीन-स्तंभ रणनीति—सुरक्षा, संपर्क और अवसर—प्रस्तुत करते हुए आतंकवाद पर शून्य-सहनशीलता, संप्रभुता-सम्मानजनक संपर्क और तकनीक व संस्कृति […]

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जीएसटी पर सियासत या राहत: ‘एक देश, एक टैक्स’ और बदलती नीतियों का सच…

जीएसटी दरों में कटौती जनता के लिए राहत का संकेत है, लेकिन बार-बार बदलते तर्क सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करते हैं। डॉ सत्यवान सौरभ जीएसटी लागू होने के बाद सरकार ने नौ साल तक ऊँची दरों को ज़रूरी बताते हुए उनके फायदे गिनाए। अब दरें घटाने पर वही तर्क उलटे रूप में दिए […]

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शिक्षा का बाज़ार और कोचिंग की बढ़ती निर्भरता: जब विद्यालय शिक्षण का केंद्र नहीं रहते, तो शिक्षा व्यापार बन जाती है…

प्रियंका सौरभ स्वतंत्र पत्रकार, कवयित्री और व्यंग्यकार हर तीसरा स्कूली छात्र प्राइवेट कोचिंग ले रहा है। शहरी परिवार औसतन 3988 रुपये सालाना कोचिंग पर खर्च कर रहे हैं। ग्रामीण परिवार औसतन 1793 रुपये सालाना खर्च करते हैं। विद्यालयों की शिक्षण गुणवत्ता कमजोर होने से अभिभावक मजबूर हैं। कोचिंग से शिक्षा असमानता और रटंत संस्कृति बढ़ […]

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नकली दवाओं के धंधे में भारत अव्वल: सपा सांसद ने दवा कंपनियों से चंदा लेने के बाद सरकार की चुप्पी पर उठाये सवाल

आगरा: कल की बारिश ने शहर की धूल को भले ही कुछ देर के लिए शांत कर दिया हो, लेकिन आगरा के नकली दवा कारोबार पर हुई छापेमारी ने एक ऐसी धूल उड़ाई है, जिसकी परतें इतनी मोटी हैं कि साफ़-साफ़ कुछ दिख नहीं रहा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने इसी धूल […]

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दवाओं की मंडी में ज़िंदगी का सौदा: आगरा का नया मॉडल या एक नया जुमला?

आगरा, वो शहर जहाँ ताज की खूबसूरती दुनिया को खींच लाती है, आजकल एक और ‘ताज’ के लिए सुर्खियों में है। ये ताज है नकली दवाओं के कारोबार का, जो न जाने कितने लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। हाल ही में आगरा में नकली दवाओं के सिंडिकेट पर हुई कार्रवाई ने एक […]

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अवैध कब्जे हटाने वाला आगरा नगर निगम: कैसे बना अवैध कब्जेदार, लखनऊ-दिल्ली तक सिफारिश फेल होने पर सेना ने कहा हद में रहो

अदालती गलियारों में ये कहावत आम है कि “कानून सबके लिए बराबर होता है,” लेकिन आगरा में नगर निगम ने शायद इसे एक नया अर्थ दे दिया है। अब तक शहर में बुलडोजर का डर दिखाकर अवैध कब्जों को हटाने वाली संस्था, आज खुद ही एक विवादित कब्जे का कारण बन गई है। यह कोई […]

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घोड़ी चढ़ने का हक़ और 34 साल बाद मिला इंसाफ़: अब कानून ने भी थक कर हाथ खड़े कर दिए ?

पनवारी गांव, आगरा। यह सिर्फ एक जगह का नाम नहीं है, बल्कि उस समाज की एक कड़वी सच्चाई का प्रतीक है, जहाँ घोड़ी चढ़ने का अधिकार भी जाति देखकर तय होता है। 1990 में हुई एक घटना पर 34 साल बाद कोर्ट का फैसला आता है और फिर कुछ ही दिनों में 35 दोषियों को […]

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अस्पताल से जिन्दा कैसे लौटे? बीमारी से बड़ी बन चुकी है इलाज की लूट

डॉ सत्यवान सौरभ आज अस्पताल जीवनदान से ज़्यादा भय और लूट का केंद्र बन गए हैं। नॉर्मल केस को वेंटिलेटर तक पहुँचाना, अनावश्यक टेस्ट कराना और दवा कंपनियों से कमीशन लेना आम हो गया है। मरीज और परिजन मानसिक, आर्थिक और शारीरिक कष्ट झेलते हैं। डॉक्टरों की छवि भगवान से कसाई जैसी होती जा रही […]

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आगरा ADA का अटल का ‘पुरम’ क्या अधूरे सपनों का ‘अड्डा’

आगरा: बरसों के इंतजार के बाद, आखिरकार आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) ने अपनी ‘अटलपुरम’ योजना का झुनझुना बजा ही दिया। सुनने में बड़ा भारी-भरकम नाम लगता है, ‘अटलपुरम’। मानो कोई नया शहर नहीं, बल्कि एक नया युग शुरू होने जा रहा हो, जहां सब कुछ ‘अटल’ रहेगा—अटल योजनाएं, अटल वादे और जनता की अटूट निराशा। […]

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विज्ञान या आस्था: केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बयान पर उठते सवाल

क्या आज भारत की राजनीति में इतिहास और विज्ञान के बीच की रेखा इतनी धुंधली हो गई है कि एक केंद्रीय मंत्री छात्रों के सामने मनगढ़ंत दावे पेश कर रहे हैं? हाल ही में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने एक स्कूल कार्यक्रम में बच्चों के ज्ञान पर सवाल उठाते हुए जो बयान दिया, वह चिंताजनक […]

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