आगरा पुलिस की बड़ी कामयाबी: 3 महीने से लापता बेटी को मोबाइल सर्विलेंस से ढूँढा, परिवार की आंखों में आए खुशी के आंसू

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आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की एत्मादुद्दौला थाना पुलिस को तकनीकी सर्विलेंस और सक्रिय जांच के बाद एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पिछले तीन महीनों से लापता एक युवती को पुलिस ने सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है। इस पूरे मामले में पुलिस की तत्परता के साथ-साथ सोशल एक्टिविस्ट भावना वरदान शर्मा के निरंतर प्रयासों की भी सराहना की जा रही है।

​7 दिसंबर को सामान लेने निकली थी युवती

​घटना की शुरुआत 7 दिसंबर 2025 को हुई थी, जब यमुना ब्रिज क्षेत्र के एक सफाई कर्मचारी की बेटी घर के पास से सामान लेने निकली और रहस्यमयी तरीके से लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने थाना एत्मादुद्दौला में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

​तीन फोन कॉल्स ने दिया सुराग

​लापता होने के दौरान युवती ने अपने माता-पिता को तीन बार फोन किया था। हालांकि, वह अपनी सटीक लोकेशन नहीं बता पा रही थी। पुलिस ने इन्हीं कॉल्स को आधार बनाकर मोबाइल सर्विलेंस और लोकेशन ट्रैकिंग की प्रक्रिया तेज की। डीसीपी सिटी आगरा के निर्देश पर थाना प्रभारी और चौकी इंचार्ज अरुण कुमार की टीम ने तकनीकी पहलुओं पर काम करना शुरू किया।

सोशल एक्टिविस्ट का दबाव और पुलिस की मुस्तैदी

​युवती के परिजनों ने न्याय के लिए सोशल एक्टिविस्ट भावना वरदान शर्मा से मदद मांगी थी। भावना ने ट्विटर (X) और अन्य माध्यमों से आगरा पुलिस पर मामले की गंभीरता को लेकर दबाव बनाया। 2 मार्च को उन्होंने स्वयं थाना प्रभारी से मिलकर जांच में तेजी लाने का आग्रह किया, जिसके बाद पुलिस टीम पूरी तरह सक्रिय हो गई।

​6 मार्च को सफल हुआ ऑपरेशन

​लगातार सर्विलेंस मॉनिटरिंग के बाद पुलिस को युवती की सटीक लोकेशन मिल गई। चौकी इंचार्ज अरुण कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम को परिजनों के साथ बरामदगी स्थल पर भेजा गया। 6 मार्च को युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे आगरा लाया गया।

पुलिस और प्रशासन का जताया आभार

​भावना वरदान शर्मा ने इस सफलता के लिए डीसीपी सिटी आगरा, थाना एत्मादुद्दौला पुलिस और विशेषकर चौकी इंचार्ज अरुण कुमार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई के चलते ही तीन महीने से भटक रहे परिवार को उनकी बेटी वापस मिल सकी है।

Dr. Bhanu Pratap Singh