सेवा को साधना मानने वाला व्यक्तित्व
अटल गीत गंगा से राष्ट्र सेवा तक: अशोक चौबे एडवोकेट, जो अकेले दम पर मिसाल बन गए
अटल गीत गंगा: स्मृति, संगीत और संकल्प, बारह वर्षों से अकेले दम पर अटल विचारधारा को जीवित रखने का प्रयास
कानून, विचारधारा और स्वस्थ जीवन का संतुलन, अधिवक्ता अशोक चौबे की कार्यशैली जो सेवा, राष्ट्र और सेहत को जोड़ती है
डॉ भानु प्रताप सिंह
Live Story Time
Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat.
अशोक चौबे एडवोकेट, डीजीसी आगरा—एक ऐसा नाम जो अधिवक्ता होने के साथ-साथ सेवा का पर्याय बन चुका है।
समाज सेवा उनके लिए कोई औपचारिक दायित्व नहीं, बल्कि जीवन की सहज साधना है।
परिचय हो या न हो, सिफ़ारिश हो या न हो—
मदद उनकी पहली प्रतिक्रिया होती है।
वे सहायता करके कभी उसका प्रदर्शन नहीं करते।
सीमाओं से परे मदद का विस्तार
आगरा, उत्तर प्रदेश या भारत ही नहीं—
विदेशों में बैठे लोग भी उनकी सहायता-क्षमता के साक्षी हैं।
उनका स्वभाव इतना सहज है कि
उनके शब्दों में मिसरी जैसी मिठास घुली होती है,
जो मन का भार हल्का कर देती है।
परिचित-अपरिचित की दीवार नहीं
जो भी उनके पास आता है—
चाहे परिचित हो या अपरिचित, वे पूरे मन से उसकी मदद करते हैं।
यह अनुभव लेखक ने
स्वयं अपनी आँखों से देखा है।
विचारधारा से राष्ट्रसेवा तक
उनका भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से वैचारिक जुड़ाव है।
माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बन रहे भारत में
वे एक मज़बूत और भरोसेमंद पुर्ज़ा हैं।
वे
भारत माता को परमवैभव पर पहुँचाने हेतु सक्रिय हैं।
अटल स्मृति में बहती गीत-गंगा
पिछले
12 वर्षों से
वे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की स्मृति में
‘अटल गीत गंगा’
का आयोजन कर रहे हैं।
यह
कविता, संगीत और विचारों का अद्भुत संगम
है।
अकेले दम पर असाधारण संकल्प
यह आयोजन वे
अकेले अपने संकल्प से
सफलतापूर्वक चला रहे हैं।
“अकेला चना भी भाड़ फोड़ सकता है”
—इस कथन को उन्होंने चरितार्थ किया है।
स्वास्थ्य से नया परिचय
वे अपने स्वास्थ्य सुधार के लिए हमारे वेलनेस क्लब से जुड़े।
आज उनकी कई समस्याओं में सुधार हो रहा है क्योंकि वे मानते हैं—
सेहत ही वास्तविक धन है।
अब पढ़िए उनकी आधिकारिक विज्ञप्ति
अब प्रस्तुत है वह विज्ञप्ति जो अशोक चौबे एडवोकेट द्वारा मीडिया को जारी की गई है।
अटल के सपनों को साकार कर रहे हैं आज मोदी-अरुण सिंह
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने किया अटल गीत गंगा और अटल स्मृति कवि सम्मेलन का उदघाटन
भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी बाजपेई के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अटल स्मृति कवि सम्मेलन और अटल गीत गंगा का सदर स्थित होटल रमांना ग्रांड में किया गया भव्य आयोजन
आगरा। “अटल जी ने जो देश के लिए काम किया, वह अदभुद है। उनके सपनों को ही साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी अग्रसर हैं। आज अपने भारत की तस्वीर बदलती दिख रही है। अटल जी एक विराट व्यक्तित्व थे। अगर अटल जी नहीं होते तो भाजपा नहीं होती”
यह विचार भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने व्यक्त किए। उन्होंने अटल जी की रचनाओं के संगीतमय प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए अटल जी की विरासत को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का आहवान किया। वह भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेई जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सदर स्थित रमांना ग्रांड में अटल गीत गंगा समिति और भारतीय जनता पार्टी आगरा महानगर द्वारा आयोजित अटल स्मृति कवि सम्मेलन व अटल गीत गंगा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे थे।
उनका स्वागत कार्यक्रम के समन्वयक डीजीसी अशोक चौबे ने किया। अध्यक्षता भाजपा के महानगर अध्यक्ष राज कुमार गुप्ता ने किया। विशिष्ट अतिथि केंद्रीय मंत्री प्रो.एसपी सिंह बघेल ने कहा-“मुझे अटल जी की सरकार के दौरान तीन बार सांसद रहा। वह राजनीति के अजात शत्रु थे। उन्होंने देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया, देश में सड़कों का जाल बिछाया।” अतिथियों में मेयर हेमलता दिवाकर, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, विजय शिवहरे, पूर्व विधायक डॉ. जीएस धर्मेश, राम प्रताप सिंह चौहान, पूर्व सांसद प्रभु दयाल कठेरिया, पूर्व मेयर इंद्रजीत सिंह आर्य, भाजपा नेता प्रमोद गुप्ता, निर्मला दीक्षित भी शामिल थे।
सुधीर नारायण व साथियों ने अटल जी की रचनाओं को गाया
अंतरराष्ट्रीय गायक सुधीर नारायण और उनके साथी कलाकारों कीर्तिका नारायण, खुशी सोनी, प्रीति, देशदीप आदि ने अटल बिहारी बाजपेई की कई प्रमुख रचनाओं की संगीतमय प्रस्तुतियों से मन मोह लिया। सरस्वती वंदना संग शुरुआत की। अटल जी की इन रचना को प्रस्तुत किया-“ठन गई मौत से ठन गई…!” हिन्दू तन मन हिंदू जीवन रग रग हिंदू मेरा परिचय…इस रचना ने सभागार में मौजूद श्रोतागणों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
प्राची दीक्षित की नृत्य की मनोहारी प्रस्तितियों ने मन मोहा
लॉस एंजेलिस कैलिफोर्निया से आईं शास्त्रीय नृत्यांगना प्राची दीक्षित के निर्देशन में नृत्य की प्रस्तुतियों ने मन मोह लिया। प्राची करीब 41 साल से विदेश की धरती पर नृत्य की छटा बिखेरते हुए आगरा का नाम रोशन कर रही हैं। वहीं करीब 24 साल से वह नूपुर अकादमी चला रही हैं। प्राची दीक्षित ने सुधीर नारायण के स्वरों में प्रस्तुत अटल जी की कविता पर नृत्य किया। इसके अलावा उनकी चार छात्राओं ने उनके निर्देशन में कथक नृत्य प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। शुरुआत शिव वंदना से की। इसके बाद सरगम पर नौ मुद्राओं में नृत्य, अटल जी के गीत पर नृत्य किया। साथ ही युवा नृत्यांगनाओं दिया धवन, करिश्मा देसाई, वान्या अग्रवाल, वर्षा वेंकटरमण ने नृत्य किया।
कई मशहूर कवियों ने बहाई काव्य की हृदय स्पर्शी सरिता
अटल स्मृति कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। जिसमें वरिष्ठ कवि रमेंद्र त्रिपाठी, शिव सागर शर्मा, रुचि चतुर्वेदी को अटल सम्मान से नवाजा गया। कवि शिव सागर ने अपनी मशहूर रचना-“आलिंगन को व्याकुल हैं, चारों मीनारें ताज की दो बाहें शाहजहां की हैं दो बहियां हैं मुमताज की…” सुनाई। इसके बाद यह कविता भी सुनाई-“वंदे मातरम का गायक हूं, जन गण मन का गान हूं, मुझको ही भारत कहते हैं, मैं ही हिंदुस्तान हूं।” कवि रामेंद्र मोहन त्रिपाठी ने बताया अटल जी की अध्यक्षता में तीन बार काव्य पाठ किया था, अविस्मरणीय स्मृतियां हैं। उन्होंने अटल जी को समर्पित कविता सुनाई-“चेतना के सूर्य थे वो, शौर्य के थे वो हिमालय, हम नहीं केवल इसे अब चांद तारे भी कहेंगे, वो सदा जिंदा दिल थे, वो सदा जिंदा रहेंगे।” रुचि चतुर्वेदी ने कविता सुनाई-“पिघल हिम शिखर अक्षरों के जहां तक अभिव्यक्त होती हिमानी रहेगी, अटल गीत गंगा भी तब तक बहेगी कि गंगा में जब तक रवानी रहेगी।” युवा कवि पदम गौतम ने काव्य पाठ किया। संयोजन-संचालन रुचि चतुर्वेदी ने किया।
कार्यक्रम में आगरा की प्रमुख शख्शियतों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम समन्वयक अशोक चौबे, कार्यक्रम के संयोजक राहुल सागर, सह संयोजक प्रमोद कुमार सिंह, टी एन चौहान, आशीष कुमार, कल्पना धाकरे थीं। इस अवसर प्रहलाद अग्रवाल, अरुण पाराशर, नीलिमा पाटनी, विजय सामा, राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य निर्मला दीक्षित, एमपीएस ग्रुप के अध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह, सचदेवा मिलेनियम स्कूल के राजेंद्र सचदेवा, डीएन द्विवेदी, राहुल गुप्ता, अश्वनी चौहान, नागेंद्र गामा, ओम प्रकाश चलनीवाले, क्षमा जैन सक्सेना, रश्मि सिंह आदि भी मौजूद थे। मंच संचालन दिनेश श्रीवास्तव ने किया। आयोजन समिति के मोहित जैन, दीपक चतुर्वेदी, आनंद रॉय, गौरी शंकर उपाध्याय अमल कुमार, माधुरी आदिने अतिथियों का पटका पहनाकर स्वागत किया।
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