Agra News: वक्फ बोर्ड ने शाही जामा मस्जिद मैनेजमेंट कमेटी को थमाया नोटिस, अवैध वसूली और हेराफेरी का आरोप

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आगरा। आगरा में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने शाही जामा मस्जिद से जुड़ी वक्फ संपत्तियों (वक्फ संख्या 74 से 94) की प्रबंधन कमेटी को नोटिस जारी किया है। कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद कुरैशी पर अवैध वसूली और वक्फ की आय में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।

वक्फ बोर्ड के अनुसार, शाही जामा मस्जिद परिसर और उससे संबद्ध वक्फ संपत्तियों पर पार्किंग व दुकानों से होने वाली वसूली का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया गया। आरोप है कि लंबे समय से बिना रसीद और बिना अधिकृत रिकॉर्ड के धन की वसूली की जा रही थी, जिससे वक्फ संपत्तियों की आय में हेराफेरी की आशंका जताई जा रही है.

2022 के बाद नहीं हुआ अनिवार्य ऑडिट

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि वर्ष 2022 के बाद से अब तक वक्फ संपत्तियों का अनिवार्य ऑडिट नहीं कराया गया। नियमों के अनुसार वक्फ संपत्तियों की आय-व्यय का नियमित ऑडिट आवश्यक है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और आय का उपयोग धार्मिक व सामाजिक उद्देश्यों के लिए सही तरीके से हो सके। ऑडिट न होने पर बोर्ड ने आय के दुरुपयोग की आशंका जताई है।

जवाब न मिलने पर हो सकती है सख्त कार्रवाई

यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने नोटिस के माध्यम से कमेटी से निर्धारित समय-सीमा में स्पष्टीकरण, आय-व्यय का विवरण और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। बोर्ड सूत्रों के मुताबिक, यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो कमेटी को भंग करने, अध्यक्ष को पद से हटाने और कानूनी कार्रवाई जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और वक्फ बोर्ड के अधिकारी सभी दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रहे हैं। इसे वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कार्रवाई माना जा रहा है।

Dr. Bhanu Pratap Singh