आगरा। वक़्फ़ बोर्ड संशोधन विधेयक पर संसद में चल रही बहस और संसद के दोनों सदनों से पास होने के साथ ही देशभर में अफवाहों का दौर तेज हो गया है। विशेषकर मुस्लिम समाज में इसे लेकर चिंता देखी जा रही है।
वक़्फ़ बोर्ड क़ानून में संशोधन के लिए पारित विधेयक को लेकर फैली अफवाहों को आगरा के मुस्लिम समाज ने नकारा
इसी के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस विभाग सतर्क रहा और संवेदनशील इलाकों में लगातार विशेष निगरानी बरत रहा है। आज जुमे की नमाज को लेकर मस्जिदों के आसपास पुलिस की कड़ी चौकसी रही।
जुमे की नमाज के दौरान आज आगरा की शाही जामा मस्जिद समेत सभी प्रमुख मस्जिदों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। बड़ी संख्या में पुलिस बल और खुफिया विभाग के अधिकारी तैनात किए गए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो।
हिंदुस्तानी बिरादरी संस्था के अध्यक्ष और कबीर पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सिराज कुरैशी ने कहा कि संस्था के सदस्यों ने संकल्प लिया है कि आगरा जिसे सुलहकुल की नगरी कहा जाता है, में सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे और किसी भी प्रकार की अफवाहें न फैलने दी जाएं। उन्होंने बताया कि ज़िला प्रशासन को सहयोग देने के लिए विशेष रूप से विभिन्न धर्मस्थलों, मुस्लिम बहुल इलाकों और संवेदनशील मार्गों पर निगरानी रखी गई।
डॉ. कुरैशी ने कहा, “हमारी संस्था ऐसे तत्वों पर पैनी नज़र रख रही है जो आगरा की गंगा-जमुनी तहज़ीब को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। आज जुमे की नमाज के दौरान भी संस्था के सदस्यों ने पुलिस और ज़िला प्रशासन को पूरा सहयोग दिया, जिससे शहर में शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे।
आगरा जिला प्रशासन ने हिंदुस्तानी बिरादरी के प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह का सहयोग मिलता रहेगा। डॉ. कुरैशी ने प्रशासन और पुलिस को आश्वस्त किया कि आगरा की छवि को किसी भी स्थिति में धूमिल नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि “आगरा एक ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी है, जहां दुनिया भर से पर्यटक ताजमहल और अन्य धरोहरों को देखने आते हैं। हमारा प्रयास यही रहेगा कि वे इस शहर की एक सकारात्मक छवि लेकर लौटें।”
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