आगरा। इतिहास से जुड़े चर्चित राणा सांगा बनाम बाबर विवाद को लेकर एक बार फिर न्यायालय में सुनवाई की नई तिथि तय कर दी गई है। आगरा सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कोर्ट में यह केस जिला न्यायाधीश के निर्देश पर पुनः प्रकीर्ण वाद के रूप में दर्ज कर लिया गया है। अब इसकी अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी।
वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने यह सिविल वाद 24 मार्च को दायर किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया कि बाबर को भारत पर आक्रमण करने के लिए राणा सांगा नहीं बल्कि दौलत खान लोदी ने बुलाया था। साथ ही यह प्रार्थना की गई थी कि 17 मार्च 1527 को बाबर और राणा सांगा के बीच निर्णायक युद्ध सीकरी किले पर हुआ था, न कि खानवा में जैसा आम तौर पर माना जाता है।
10 अप्रैल को सिविल जज कोर्ट ने पोषणीयता के आधार पर इस वाद को खारिज कर दिया था। इसके विरुद्ध वादी पक्ष ने 9 मई को जिला न्यायाधीश के समक्ष पुनरीक्षण याचिका (रिवीजन) दायर की। 9 और 13 मई को हुई सुनवाई में जिला जज ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश में कमियां पाई और मामले को पुनः सुनवाई हेतु लौटाते हुए न्यायसम्मत आदेश पारित करने का निर्देश दिया।
आज उसी निर्देश के अनुपालन में केस को पुनः पंजीकृत किया गया और 11 जुलाई को अगली सुनवाई की तिथि नियत की गई है।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता शिव आधार सिंह तोमर, नरेश सिकरवार, एसपी सिंह सिकरवार और राहुल सोलंकी कोर्ट में उपस्थित रहे।
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