आगरा छावनी के मुद्दों पर दिल्ली में दस्तक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा—राज्य सरकार के जवाब का इंतजार

EXCLUSIVE

 

कैंट क्षेत्र की समस्याओं पर रक्षा मंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल, समाधान की दिशा में बड़ा आश्वासन

म्यूटेशन, दुकानों की लीज और जर्जर सुविधाओं का मुद्दा उठा

छावनी परिषद विलय, म्यूटेशन और जर्जर सुविधाओं पर बड़ा मंथन

Live Story Time, Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat।

आगरा छावनी क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक केशो मेहरा ने किया। बैठक में छावनी परिषदों को स्थानीय निकायों में विलय, सदर बाजार की दुकानों की लीज व्यवस्था, जीएलआर सर्वे में म्यूटेशन की समस्या, जर्जर जल टंकियों, सार्वजनिक शौचालयों और सड़कों की मरम्मत जैसे कई अहम मुद्दे उठाए गए। रक्षा मंत्री ने इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और जल्द समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने का आश्वासन दिया।

रक्षा मंत्री से मुलाकात में उठे छावनी क्षेत्र के अहम मुद्दे

आगरा छावनी क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को हल करने के लिए रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से एक प्रतिनिधिमंडल केशो मेहरा, पूर्व प्रदेश महामंत्री (संगठन), भाजपा एवं पूर्व विधायक, आगरा छावनी के नेतृत्व में मिला एवं आगरा छावनी क्षेत्र की अनेक गम्भीर समस्याओं से अवगत कराया।

छावनी परिषदों को स्थानीय निकाय में विलय का मुद्दा

केशो मेहरा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से देश की समस्त छावनियों को स्थानीय निकाय में विलय करने के सम्बन्ध में कहा कि मैंने आपसे पूर्व में भी इस सम्बन्ध में अनुरोध किया था। इस पर उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की ओर से छावनी परिषदों को स्थानीय निकाय में विलय करने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है, लेकिन हमें राज्य सरकार से अभी तक कोई उत्तर नहीं मिला है। हमें राज्य सरकार के उत्तर की प्रतीक्षा है, यदि राज्य सरकारें सहमत हैं, तो हम छावनी परिषदों को स्थानीय निकायों में विलय कर देंगे।

सदर बाजार शॉपिंग आर्केड दुकानों की लीज व्यवस्था का मुद्दा

सदर बाजार स्थित सेल्फ फाइनेन्स स्कीम के अन्तर्गत शॉपिंग आर्केड की दुकानों के सम्बन्ध में ध्यान आकर्षित करते हुए विधायक, आगरा छावनी डा. जी. एस. धर्मेश ने कहा कि आपके निर्देश के कारण इन दुकानों की ई-नीलामी रुक गई। इस सम्बन्ध में आपसे अनुरोध है कि छावनी परिषद के अधिनियम एवं नियमावली में आवश्यक संशोधन कर इस समस्या को स्थायी रूप से हल किया जाए। प्रत्येक तीस वर्ष बाद इन दुकानों की लीज का स्वतः नवीनीकरण लीज राशि में निर्धारित प्रतिशत की वृद्धि करके कर दिया जाए। अधिक उचित रहेगा कि इन्हें फ्रीहोल्ड कर दिया जाए।

जीएलआर सर्वे, म्यूटेशन और बुनियादी सुविधाओं की समस्या

छावनी क्षेत्र की एक प्रमुख समस्या की ओर राजनाथ सिंह का ध्यान आकर्षित करते हुए छावनी परिषद, आगरा के मनोनीत सदस्य राजेश गोयल ने कहा कि जीएलआर सर्वे में वर्षों से म्युटेशन नहीं हो रहे हैं, जिससे छावनी परिषद क्षेत्र में जिन्होंने संपत्ति खरीदी है, उनमें बहुत बेचैनी है। यद्यपि अधिनियम एवं नियमावली में स्पष्ट निर्देश हैं कि निर्धारित अवधि में म्युटेशन किए जाने का प्रावधान है, लेकिन इनका पालन नहीं हो रहा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अवगत कराया कि छावनी क्षेत्र की पानी की टंकी जर्जर हो चुकी हैं, सार्वजनिक शौचालयों में दरवाजे नहीं हैं एवं बहुत गंदगी है, अनेक सड़कों की मरम्मत होनी है। इस ओर बहुत ध्यान दिलाए जाने पर भी स्थिति सुधर नहीं रही है।

देशभर की छावनियों के सम्मेलन का प्रस्ताव

छावनी सदर बाजार एसोसिएशन की ओर से सजल बंसल एवं अनमोल गोयल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से आग्रह किया कि देश की समस्त छावनियों की जनसमस्याएँ सामान्यतः एक प्रकार की हैं। अतः आगरा में अखिल भारतीय स्तर पर देश की समस्त छावनियों का एक सम्मेलन बुलाने एवं उसमें उनकी उपस्थिति हो, इस हेतु अनुरोध किया और आग्रह किया कि वर्तमान लोकसभा सत्र के पश्चात आगरा में कार्यक्रम में आने की सहमति प्रदान करें। इस पर रक्षामंत्री ने कहा कि मैं शीघ्र ही विचार कर अवगत कराऊंगा।

प्रतिनिधिमंडल में ये प्रमुख लोग रहे उपस्थित

प्रतिनिधिमंडल में केशो मेहरा, पूर्व प्रदेश महामंत्री (संगठन) के अतिरिक्त विधायक, आगरा छावनी डा. जी. एस. धर्मेश, छावनी परिषद के मनोनीत सदस्य राजेश गोयल, सजल बंसल, अनमोल गोयल उपस्थित रहे।

संपादकीय

आगरा छावनी क्षेत्र की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना कोई साधारण बात नहीं है। इसके लिए दूरदृष्टि, साहस और जनहित के प्रति गहरी प्रतिबद्धता चाहिए। इस संदर्भ में केशो मेहरा का प्रयास विशेष रूप से सराहनीय है। लंबे समय से संगठन और राजनीति में सक्रिय रहते हुए उन्होंने सदैव जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। छावनी क्षेत्र के निवासियों की आवाज को सीधे देश के रक्षा मंत्री तक पहुँचाना उनके जनसेवी स्वभाव और नेतृत्व क्षमता का स्पष्ट प्रमाण है।

इसी प्रकार डा. जी. एस. धर्मेश ने सदर बाजार शॉपिंग आर्केड की दुकानों की लीज व्यवस्था का मुद्दा जिस स्पष्टता और दूरदृष्टि से उठाया, वह व्यापारियों के हितों की रक्षा के प्रति उनकी गंभीरता को दर्शाता है। यदि इस विषय पर स्थायी समाधान निकलता है, तो यह हजारों व्यापारियों और उनके परिवारों के लिए राहत का बड़ा कारण बनेगा।

छावनी परिषद के मनोनीत सदस्य राजेश गोयल ने भी अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों—जैसे जीएलआर सर्वे में म्यूटेशन, जर्जर जल टंकियाँ, सार्वजनिक शौचालयों की दुर्दशा और सड़कों की मरम्मत—को जिस मजबूती से उठाया, वह उनकी जनप्रतिबद्धता का प्रमाण है। स्थानीय स्तर पर समस्याओं को समझना और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाना वास्तव में एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की पहचान है।

सबसे महत्वपूर्ण भूमिका देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की है। वे एक अनुभवी, संवेदनशील और दूरदर्शी नेता के रूप में देश में सम्मानित हैं। छावनी क्षेत्रों की समस्याओं पर उनका गंभीर रुख और समाधान की दिशा में सकारात्मक संकेत यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार जनसमस्याओं को लेकर सजग है। यदि छावनी परिषदों को स्थानीय निकायों में विलय करने का प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो यह देशभर के लाखों नागरिकों के लिए ऐतिहासिक निर्णय सिद्ध हो सकता है।

आगरा की धरती से उठी यह आवाज यदि देशभर की छावनियों के लिए नई नीति और नई व्यवस्था का मार्ग प्रशस्त करती है, तो इसमें केशो मेहरा, डा. जी. एस. धर्मेश, राजेश गोयल और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की भूमिका निश्चित ही इतिहास में सकारात्मक उदाहरण के रूप में याद की जाएगी।

डॉ भानु प्रताप सिंह, संपादक

Live Story Time, Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat.