यूरोपीय संघ के नेता इस साल के अंत तक रूस से आने वाले क़रीब 90 फ़ीसदी तेल की कटौती करने पर सैद्धांतिक रूप से तैयार हो गए हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार यूक्रेन को मदद देने के लिए बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में बुलाई गई दो दिनों की बैठक के पहले दिन सोमवार को यह फ़ैसला लिया गया.
इस बैठक में यूरोपीय नेताओं ने हंगरी के साथ चल रहे गतिरोध को दूर कर लिया है. तीन महीने पहले यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद इस प्रतिबंध को यूरोप पर लगाए जाने वाला सबसे कड़ा प्रतिबंध माना जा रहा है.
राजनयिकों का कहना है कि इस समझौते के बाद यूरोपीय संघ की ओर से रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के छठे पैकेज की बाक़ी चीज़ें भी लागू हो जाएंगी.
इनमें रूस के सबसे बड़े बैंक ‘स्बर बैंक’ को स्विफ़्ट मैसेजिंग सिस्टम से काटने वाला फ़ैसला भी शामिल है.
यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने ट्वीट करके बताया, “रूसी तेल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने को यूरोपीय संघ का समझौता.”
उन्होंने लिखा, “इस समझौते में रूस से होने वाले तेल आयात में तुरंत ही दो तिहाई से अधिक की कटौती हो जाएगी. इससे रूस पर लड़ाई ख़त्म करने का अधिकतम दबाव बनेगा.”
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ”इस प्रतिबंध पैकेज में कई सख़्त क़दम शामिल हैं।
रूस के सबसे बड़े बैंक स्बरबैंक को स्विफ़्ट सिस्टम से हटाया जाएगा,
रूस के तीन सरकारी प्रसारकों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है और
यूक्रेन में हुए युद्ध अपराधों में शामिल लोगों पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं.”
-एजेंसियां
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