राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रविवार सुबह हेलीकॉप्टर से उज्जैन पहुंचे। हेलीपैड पर मप्र के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। यहां से राष्ट्रपति कालिदास अकादमी गए। यहां पंडित सूर्यनारायण व्यास संकुल में अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के 59वें अधिवेशन का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। बाद में महाकाल मंदिर पहुंचे। गर्भगृह में सपत्नीक महाकाल के दर्शन किए।
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं महाकाल की पवित्र धरती पर राज्य की जनता की ओर से राष्ट्रपति जी का स्वागत करता हूं। उन्होंने राज्यपाल का भी स्वागत किया। यहां त्रिवेणी संगम है और महामहिम पवित्र कार्य के लिए पधारे हैं। यह अनादि काल से ज्ञान, वैराग्य की धरती है और यहां से लोक सेवा की प्रेरणा मिलती है। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अपने संबोधन में राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि प्राचीन काल से ही रोगों के उपचार में आयुर्वेद की अहम भूमिका रही है। कोविड के खिलाफ लड़ाई में हमारी प्राचीन उपचार पद्धतियां कारगर रही हैं। भारत में आयुर्वेद का विकास लाभकारी और आशाओं का केंद्र है। आज इसे आधुनिक चिकित्सा पद्धति के अनुरूप मान्यता की जरूरत है।
-एजेंसियां
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