रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि हम उत्तरी क्षेत्र में चीनी उपस्थिति से अवगत हैं. वो शातिर निर्माण तकनीकों के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में तेजी से पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि, बीआरओ को समानांतर में काम करना चाहिए और अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए टैक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना चाहिए. सरकार इस दिशा में बीआरओ को सहयोग दे रही है.
रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा कि भारत की सीमाओं की रक्षा करने वालों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मुहैया कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित करना सरकार की व्यापक रक्षा रणनीति का एक प्रमुख हिस्सा है.
हमारी ये है प्राथमिकता
सिंह ने कहा, ‘‘हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता उन लोगों को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं मुहैया कराना है जो हमारी सुरक्षा के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं, जो इस देश की सीमा के पहरेदार हैं.’’ रक्षा मंत्री ने देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए बीआरओ की भी सराहना की. पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास का उदाहरण देते हुए सिंह ने कहा कि यह अब देश के समग्र विकास के लिए ‘‘नया प्रवेश द्वार’’ बन गया है.
उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता की यात्रा में सड़कों का बहुत महत्व रहा है. रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, खाद्यान्न आपूर्ति, सेना की सामरिक जरूरतें, उद्योग और सामाजिक-आर्थिक प्रगति से जुड़े अन्य कार्यों को पूरा करने में सड़कों और पुलों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है.’’
-एजेंसियां
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